अब ‘बजरी किंग’ की एंट्री, क्या है जयपुर के होटल और BJP में कनेक्शन?

जयपुर. राजस्थान (Rajasthan) में सरकार बचाने और गिराने की सियासी बंवडर में अब राजस्थान के चर्चित बजरी कारोबार का नाम भी जु़ड़ गया है. ये सवाल इसलिए खड़ा हुआ क्योंकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने अपने गुट के मंत्रियों और विधायकों को जैसलमेर में जिस होटल सूर्यागढ़ में शिफ्ट किया उस होटल का संबंध राजस्थान के एक बजरी किंग से जुड़ा है. बीजेपी नेता ज्ञानदेव आहूजा ने आरोप लगाया है कि ये वही बजरी किंग है जिसके और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) के बीच मिलिभगत के आरोप अशोक गहलोत पांच साल से लगा रहे थे जब वो विपक्ष में थे. माना जा रहा है कि अब उन्हीं के होटल में सीएम गहलोत ने अपने विधायकों को रखा है. आहूजा ने आरोप लगाया है कि गहलोत जब पिछली बार मुख्यमंत्री थे तब इसी बजरी किंग को बजरी की खानों का आबंटन करके गए थे.

जब विपक्ष में थे गहलोत…..
कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में बजरी की खानों के आबंटन को मुद्दा बनाया था, लेकिन अब उसी बजरी किंग के पांच सितारा होटल में गहलोत कैंप की बाड़ेबंदी है. हालांकि कांग्रेस प्रवक्ता अर्चना शर्मा ने सफाई दी कि होटल में विधायकों को रखने का मतलब किसी को फायदा पहुंचाना नहीं है. अर्चना शर्मा ने कहा कि इस कारोबारी के रिश्ते तो पिछली वसुंधरा राजे की अुगवाई वाली सरकार के साथ माने जाते रहे हैं.

राजनीतिक पंडित हैरान
2013 में जब गहलोत विधानसभा चुनाव हारे और वसुंधरा राजे की अगुवाई में बीजेपी सत्ता में आई तब बीजेपी सरकार की नजर बजरी की इन खानों के आबंटन पर गई. कई तरह के आरोप -प्रत्यारोप भी लगते रहे. इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान में बजरी खनन पर भी रोक लगा दी थी. तब से अब तक रोक है, लेकिन बजरी का कारोबार धड़ल्ले से जारी है. राजस्थान में अब शराब माफिया की जगह बजरी माफिया ने ले ली. बजरी माफिया के आंतक के शिकार हर दूसरे दिन सूबे में कोई न कोई हो रहा है. बजरी के इस खेल के चलते पिछले छह साल में बजरी की कीमतें आसमान छूने लगी है. बजरी खरीदी कर घर बनाना आम आदमी के बूते से करीबन बाहर हो गया है.

आखिर राज क्या है?
इस बजरी किंग की कहानी भी दिलचस्प है. कहा जाता है कि बीजेपी के एक दिग्गज नेता की बिजनेस में साझेदारी है. अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं कि बीजेपी के कुछ दिग्गजों से भी जिसका करीबी रिश्ता हो इसके बावजूद गहलोत का भरोसा उसकी होटल पर है, आखिर राज क्या है? हालांकि इससे पहले गहलोत ने जयपुर में जिस फेयरमाउंट होटल में विधायकों को रखा वे भी विवादों में रहा.आयकर और ईडी ने बाड़ेबंदी के दिन ही छापेमारी की थी. फेयर माउंमउट के मालिक को ईडी ने पूछताछ के लिए भी तलब किया था. होटल पर मनी लॉड्रिंग से मॉरिशस से 96 करोड़ के निवेश के आरोप भी हैं.इस होटल के मालिक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत के पार्टनर भी है. केंद्रीय एजेंसियों की इस होटल पर सख्ती के बाद गहलोत विधायकों को जैसलमेर ले गए, लेकिन वहां भी विवादों का साया पीछा नहीं छोड़ रहा है.
 

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