उदयपुर में मानसून की पहली बारिश, रातभर जमकर बरसे बादल, खिल उठा तन-मन

उदयपुर. झीलों की नगरी उदयपुर (Udaipur) में मानसून की पहली बारिश (Rain) ने लोगों को खुश कर दिया है. मंगलवाल शाम से शुरू हुई बारिश बुधवार सुबह तक लगातार जारी रही. इस दौरान कभी बूंदाबांदी तो कभी मूसलाधार बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली वहीं झीलों (lakes) के भी जल्द लबालब होने की उम्मीद जगने लगी है.

नाले-परनाले बह निकले
राजस्थान में मानसून ने दक्षिणी भाग से ही प्रवेश किया था. ऐसे में दक्षिणी राजस्थान के उदयपुर संभाग में अच्छी बारिश की उम्मीद की जा रही थी. लेकिन मानसून के कमजोर प्रवेश से एक भी दिन बारिश नहीं हुई और लोगों की चिंता बढ़ने लगी थी. हालांकि अब मानसून जोर पकड़ता हुआ नजर आ रहा है. मंगलवार शाम से बारिश का दौर शुरू हुआ तो फिर वह थमा ही नहीं. बुधवार को सुबह तक बरसते बदरा के कारण नाले-परनाले बह निकले. बारिश ने लोगों को काफी राहत प्रदान की है.

कई जलाशयों में पानी की अच्छी आवक हुई
मंगलवार रात से शुरू हुई बारिश से कई जलाशयों में पानी की अच्छी आवक हुई है. इन्द्रदेव की इसी तरह से मेहबानी रही तो विश्व प्रसिद्ध उदयपुर की झीलों में भी पानी की आवक भी जल्द ही शुरू हो जायेगी. इस बार उदयपुर की झीलों को ज्यादा पानी की दरकार नहीं है. कम बारिश में भी ये झीले छलक उठेगी और इसी नजारे को निहारने के लिये उदयपुरवासियों को इंतजार है.

झीलों में पानी अच्छी स्थिति में है
उदयपुर की फतहरसागर झील में अभी भी करीब 4 फीट, पीछोला में 11 फीट, मदार बड़ा तालब में 14 फीट, मदार छोटा में 13 फीट और आकोदड़ा डेम 53 फीट पानी है. पानी की यह स्थिति पिछले कई वर्षो के मुकाबले अच्छी है और इस बार सिर्फ करीब 6 हजार एमसीएफटी पानी मिलने से ही सभी जलाशय ओवर-फ्लो हो उठेंगे. इन झीलों में पानी की मौजुदगी के साथ ही अब जब मानसून का दौर भी अच्छा रहेगा तो पर्यटक भी बरबस उदयपुर की ओर खींचे चले आएंगे.

किसानों ने बुवाई शुरू कर दी थी
उदयपुर में हुई बारिश से किसानों के चेहरे पर भी खिल उठे हैं. मेवाड अंचल में प्री-मानसून की बारिश के बाद किसानों ने बुवाई शुरू कर दी थी. ऐसे में अब किसानों को भी मानसून का इंतजार था. अब इन्द्रदेव की मेहरबानी फिर से मेवाड़ पर होने लगी है तो किसानों के चेहरे पर भी मुस्कान लौट आई है.

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