कोरोनावायरस से जा सकती है 4.5 करोड़ लोगों की जान, दुनिया की 60 फीसदी आबादी पर मंडराया खतरा

चीन के वुहान प्रांत से फैले घातक कोरोनावायरस से अब तक 1,110 लोगों की मौत हो चुकी है और इसके अभी तक 44,653 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, हांगकांग के एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने दावा किया है कि अगर इस वायरस को रोका नहीं गया तो इससे दुनिया की 60 प्रतिशत आबादी चपेट में आ सकती है। सार्वजनिक स्वास्थ्य चिकित्सा के प्रमुख प्रोफेसर गेब्रियल लेउंग ने कहा कि अगर कोरोनावायरस के रोकथाम के उपाय विफल हो गए तो इस जानलेवा वायरस से दुनिया की 60 फीसदी आबादी चपेट में आ सकती है। लेउंग ने कहा कि अभी तक इस वायरस से मृत्यु दर एक फीसदी है, इसके बावजूद भी यह लाखों को मार सकता है। 

दुनिया की 60 फीसदी आबादी पर मंडरा रहा खतरा
वर्तमान समय में दुनिया की आबादी सात अरब हैं, इस प्रकार कोरोनावायरस दुनिया के चार अरब आबादी को संक्रमित कर सकता है। यदि प्रोफेसर लेउंग का दावा सही होता हैं तो और वायरस इसी रफ्तार से फैलता रहा तो लगभग 4.5 करोड़ लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ सकती हैं। 

हालांकि, चीन में प्रत्येक दिन नए मामलों की संख्या घटने लगी है, जो पिछले आठ दिनों में गिरकर पांच पर आ गई है। इसका मतलब यह नहीं है कि दिसंबर से फैलने वाला यह वायरस अपने चरम पर नहीं है, लेकिन इस महामारी से निपटने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि यह एक उत्साहजनक संकेत है।

कोरोनावायरस का अध्ययन करने वाले वायरस विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि इसके मामलों में वृद्धि जारी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रभावितों की संख्या वर्तमान में बताए जा रहे संख्या की तुलना में अधिक होगा क्योंकि हजारों रोगियों में केवल हल्के लक्षण होते हैं। 

डब्ल्यूएचओ ने कोरोनावायरस को दिया नया नाम
इससे पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि घातक कोरोनावायरस का आधिकारिक नाम ‘कोविड-19’ होगा। इस विषाणु की पहचान पहली बार 31 दिसंबर 2019 को चीन में हुई थी। डब्ल्यूएचओ के प्रमुख तेदरोस अदहानोम गेब्रेयसेस ने जिनेवा में संवाददाताओं से कहा कि अब हमारे पास बीमारी के लिए नाम है और यह ‘कोविड-19’ है। उन्होंने नाम की व्याख्या करते हुए कहा कि ‘को’ का मतलब ‘कोरोना’, ‘वि’ का मतलब ‘वायरस’ और ‘डी’ का मतलब ‘डिसीज’ (बीमारी) है।

चीन समेत पूरे विश्व के लिए बड़ा खतरा
डब्ल्यूएचओ के प्रमुख तेदरोस अदहानोम गेब्रेयसेस ने कहा था कि इस वायरस के 99 प्रतिशत मामले चीन में है, लेकिन यह पूरे विश्व के लिए एक बड़ा खतरा है। उन्होंने सभी देशों से इस संबंध में किए गए किसी भी शोध की जानकारी साझा करने की अपील भी की थी।

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