क्वॉरेंटाइन सेंटर बना गपशप ‘सेंटर’, सरकार की मंशा पर पानी फेर रहे प्रवासी

जयपुर. राजस्थान में कोरोना संक्रमण (COVID-19) पर लगाम लगाने की जितनी भी कोशिशें की जा रही है वह उतनी ही तेजी से पैर पसार रहा है. अनलॉक-1 के दौर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की बढ़ती संख्या में परदेस से आने वाली प्रवासी राजस्थानियों (Overseas Rajasthanis) की अच्छी खासी भूमिका है. मिशन वंदे भारत के तहत विदेशों से लाये जा रहे प्रवासी राजस्थानी बड़ी संख्या में पॉजिटिव पाये जा रहे हैं. हालात यह हो गए हैं कि प्रवासी पॉजिटिव मरीजों की संख्या राजस्थान में पांच हजार को पार कर चुकी है.

सरकार लाखों रुपये खर्च कर रही है

प्रवासियों को स्वदेश लाने के बाद हालांकि राज्य सरकार उन्हें क्वॉरेंटाइन करने पर लाखों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन प्रवासी क्वॉरेंटाइन सेटर में आइसोलेट रहने की बजाय वहां झुंड बनाकर गपशप लगाने में मशगूल रहते हैं. लिहाजा इससे कोरोना संक्रमण का खतरा और बढ़ता जा रहा है. इसकी बानगी राजधानी जयपुर के पास बगराना गांव में बनाए गये क्वॉरेंटाइन सेंटर में देखी जा सकती है. प्रवासियों की यह हरकत सरकार की मंशा पर पानी फेर रही है.

हजारों राजस्थानियों को स्वेदश वापस लाया जा चुका है

मिशन वंदे भारत के तहत अब तक हजारों प्रवासी राजस्थानियों को स्वेदश वापस लाया जा चुका है. ये सिलसिला अब भी जारी है. केन्द्र सरकार अपने देश के नागरिकों को वापस लाने के लिए लगातार इंटरनेशनल फ्लाइट्स का संचालन कर रही है. राज्य में पहुंचने के बाद ये प्रवासी राज्य सरकार की जिम्मेदारी हो जाते हैं. इन प्रवासियों को सीधे उनके घर भेजने की बजाय राज्य सरकार 14 दिन के लिए क्वॉरेंटाइन कर रही है. क्वॉरेंटाइन के दौरान कुछ प्रवासी सुविधाओं की खातिर अपना खर्चा खुद उठा रहे हैं और जो सक्षम नहीं उनका खर्चा राज्य सरकार वहन कर रही है.

प्रवासियों को दो केटेगरी में रखा गया है

परदेस से वापस लौटने वालों को दो केटेगरी में रखा गया है. एक वो जो पैसे देकर होटल में क्वॉरेंटाइन में सुविधा ले रहे हैं और दूसरे वो जिनके पास देने के लिए पैसे नहीं है. उन्हें राज्य सरकार अपने खर्चे पर क्वॉरेंटाइन कर रही है. लेकिन होटल और सरकारी सेंटर दोनों में नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है. यहां प्रवासी आइसोलेट होने की बजाय झुंड बनाकर गपशप करने में मशगूल रहते हैं.

कोरोना को खुला आमंत्रण दे रहे हैं

राजधानी जयपुर से 20 किलोमीटर दूर बगराना गांव में जयपुर विकास प्राधिकरण की ओर से बनाए गए सरकारी क्वॉरेंटाइन सेंटर में बड़ी संख्या में प्रवासियों को क्वॉरेंटाइन किया हुआ है. इनमें उन प्रवासियों को रखा गया है जो होटल का खर्चा वहन नहीं कर सकते. यहां स्थित आवासीय योजना में बने सैंकड़ों फ्लैट्स में खाड़ी देशों से लौटे कामगारों को क्वॉरेंटाइन किया हुआ है. यहां लोग यहां नियम कायदों का धत्ता बनाकर कोरोना को खुला आमंत्रण दे रहे हैं.
 

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