महाशिवरात्रि पर खास संयोग, ऐसे समय पूजा होगी श्रेष्ठ फलदायी

रायपुर। इस साल चार मार्च को सोमवार के दिन महाशिवरात्रि का संयोग पड़ना विशेष फलदायी माना जा रहा है। भगवान भोलेनाथ की पूजा प्रत्येक सोमवार को करने का विधान है। चूंकि सोमवार के दिन ही महाशिवरात्रि पड़ रही है इसलिए भक्तों के लिए इस बार की महाशिवरात्रि खास है। निशीथ काल यानि आधी रात को शिवजी का पूजन करने से भोलेनाथ प्रसन्न होंगे और भक्तों की मनोकामना पूरी होगी।

बेरोजगारों को मिलेंगे नौकरी के अवसर

ज्योतिषाचार्य डॉ.दत्तात्रेय होस्केरे के अनुसार ग्रह संयोगों के चलते इस बार की महाशिवरात्रि वृषभ, धनु, तुला और मिथुन राशि के जातकों के लिए शुभ संकेत लेकर आ रही है। बेरोजगार युवाओं के लिए नौकरी के नए अवसर मिलेंगे। उक्त राशि वालों को धन लाभ होगा, जो कार्य बरसों से रुके पड़े हैं वे सफल होंगे।
निशीथ काल में 50 मिनट शुभ मुहूर्त

वैसे तो सुबह से रात तक भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की जा सकती है। खास मुहूर्त में पूजा करने वालों को निशीथ काल में मात्र 50 मिनट ही शुभ मुहूर्त मिलेगा। निशीथ काल में पूजा करने का महत्व होने के चलते रात्रि 12 बजकर आठ मिनट से रात्रि 12 बजकर 57 मिनट तक पूजा करना श्रेष्ठ होगा। व्रत करने वाले भक्त पांच मार्च को सुबह 6.43 से दोपहर 3.30 बजे तक पारणा कर सकते हैं।
शिवलिंग का प्रादुर्भाव और शिव-पार्वती विवाह की मान्यता

शास्त्रों के अनुसार फाल्गुन कृष्ण पक्ष में त्रि स्पर्शा यानी त्रयोदशी, चतुर्दशी व अमावस्या की युति में महाशिवरात्रि मनाए जाने का विधान है। इस दिन को शिवलिंग के प्रादुर्भाव और शिव-पार्वती विवाह के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि प्रदोष व्यापिनी चतुर्दशी तिथि को रात्रि के समय शिवजी का पूजन करना अत्यंत श्रेष्ठ माना जाता है। इस मान्यता के चलते आधी रात महाशिवरात्रि धूमधाम से मनाई जाएगी। सुबह से लेकर रात तक श्रद्धालु शिवलिंग पर बेलपत्र, धतुरा व जल अर्पण करके मनोवांछित फल की कामना करेंगे।
मांगलिक दोष दूर होंगे

मान्यता के अनुसार इस दिन सूर्य और चन्द्रमा अत्यंत निकट होते हैं और शिवजी की पूजा करने से आत्मिक शांति और मन व भावनाओं से संबंधित पीड़ा का नाश होता है। महाशिवरात्रि पर शिव मंदिर में शिवलिंग की पूजा करने व जल अर्पित करने से मांगलिक दोष दूर होते हैं और बिगड़े कार्य पूर्ण होने लगते हैं।
गन्ने के रस, पंचामृत से अभिषेक करें

शिवजी का गन्ने के रस व पंचामृत दूध, दही, घी, शहद, शक्कर से अभिषेक करने पर तंगी दूर होकर आर्थिक उन्नति होगी। भावनात्मक कष्टों, वैवाहिक परेशानियों और पारिवारिक असंतोष से मुक्ति मिलेगी।
 

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