मायवती के खास रहे पूर्व IAS नेतराम से मिलने के लिए कैबिनेट मंत्रियों को भी लेना पड़ता था समय

उत्तर प्रदेश के पूर्व आईएएस अफसर नेतराम के घर पर मंगलवार को लखनऊ के स्टेशन रोड स्थित आवास पर आयकर विभाग की टीम छापेमारी की. यह छापेमारी बुधवार तक जारी रही. उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के प्रमुख सचिव रहे आईएएस अधिकारी नेतराम और उनके करीबियों के ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी में 225 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों के दस्तावेज, दो करोड़ रुपये से अधिक का कैश, बेनामी लग्जरी कारें और 50 लाख रुपये का मोंट ब्लांक पैन मिला है. कार्रवाई में नेतराम की 30 मुखौटा कंपनियों का भी खुलासा हुआ है.

2007 से 2012 के बीच बसपा शासनकाल के दौरान नेतराम प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री के तौर पर तैनात थे और ताकतवर अफसरों में उनकी गिनती होती थी. बताया जाता है कि कैबिनेट मंत्रियों को भी नेतराम से मिलने के लिए मुख्यमंत्री से मिलने की तरह समय लेना पड़ता था.

कई अहम पदों पर रहे

उस वक्त उनके रसूख की तूती बोलती थी. यह अधिकारी उत्तर प्रदेश में आबकारी, गन्ना उद्योग विभाग, डाक एवं पंजीकरण, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभागों के प्रमुख रह चुके हैं. कहा यह भी जा रहा है कि यूपी कैडर के 1979 बैच का यह आईएएस अधिकारी इस बार बसपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में भी थे.

लोकसभा चुनाव  में टिकट पाने की चाह से आए जांच के दायरे में

अधिकारियों के मुताबिक पूर्व नौकरशाह एक पार्टी से लोकसभा चुनाव की टिकट पाने की बातचीत में लगे थे और इसीलिए वह आयकर विभाग की जांच के दायरे में आए. अधिकारियों ने 30 मुखौटा कंपनियों से संबंधित दस्तावेज भी बरामद किये और उनकी जांच की जा रही है. इन कंपनियों में नेतराम के परिजनों और ससुराल के लोगों की हिस्सेदारी है. छापेमारी में दिल्ली (केजी मार्ग और जीके 1) और मुंबई (चरनी रोड और हुगेस रोड) के पॉश इलाकों में छह संपत्तियों तथा कोलकाता के तीन घरों का पता चला है. इसके अलावा 225 करोड़ रुपये की अतिरिक्त प्रॉपर्टी से सम्बंधित दस्तावेज भी मिले हैं.
 

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