मुख्यमंत्री भजनलाल ने श्रीनाथजी के दरबार में की पूजा, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना
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डीग। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सोमवार (9 जून) की शाम डीग जिले के पूंछरी स्थित प्रसिद्ध श्रीनाथजी मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी धर्मपत्नी के साथ विशेष पूजा-अर्चना कर राज्य तथा पूरे राष्ट्र की सुख-समृद्धि, अमन और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री के आगमन पर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, विधायक डॉ. शैलेष सिंह, बहादुर सिंह कोली और राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत सहित तमाम प्रशासनिक अधिकारियों व स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने गुलदस्ता भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने आम श्रद्धालु की तरह दंडवत कर शुरू की सप्तकोसीय परिक्रमा
मंदिर में भगवान के दर्शन और आरती के बाद मुख्यमंत्री ने वीआईपी संस्कृति से दूर एक साधारण भक्त की तरह '7 दंडवती' लगाई और गोवर्धन गिरिराज जी महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा का शुभारंभ किया। उन्होंने पूरी श्रद्धा, आस्था और अगाध भक्ति भाव के साथ परिक्रमा मार्ग पर कदम बढ़ाए। इस दौरान मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर परिक्रमा कर रहे देश के कोने-कोने से आए आम श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया और वे भी मुख्यमंत्री के साथ-साथ भजनों पर झूमते हुए आगे बढ़े।
21 किलोमीटर लंबे मार्ग पर गूंजे जयकारे और संतों ने की पुष्पवर्षा
तकरीबन 21 किलोमीटर लंबी इस पावन गोवर्धन परिक्रमा के दौरान पूरे रास्ते में जगह-जगह स्थानीय निवासियों, साधु-संतों और धार्मिक संगठनों द्वारा मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया। परिक्रमा मार्ग में विभिन्न पड़ावों पर संतों और श्रद्धालुओं ने उन पर फूलों की बारिश कर अभिनंदन किया, जिसके जवाब में मुख्यमंत्री ने भी हाथ जोड़कर और शीश झुकाकर सभी का अभिवादन स्वीकार किया तथा स्थानीय लोगों से रुककर आत्मीय संवाद भी किया। पूरी यात्रा के दौरान संपूर्ण परिक्रमा मार्ग 'बोलो गिरिराज महाराज की जय' और 'हरे कृष्ण' के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान रहा, जिससे माहौल पूरी तरह से आध्यात्मिक और भक्तिमय बन गया।
मुकुट मुखारविंद पर किया दुग्ध अभिषेक और अधिकारियों संग की समीक्षा बैठक
मंगलवार की सुबह मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपनी गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा को सफलतापूर्वक पूरा किया। इसके पश्चात वे मुकुट मुखारविंद मंदिर की तलहटी में पहुंचे, जहां उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गिरिराज जी महाराज का दूध और गंगाजल से अभिषेक कर विधिवत अनुष्ठान किया। उन्होंने पूंछरी का लौठा स्थित श्रीनाथजी के दर पर भी माथा टेका और पूजा के बाद वहां मौजूद संतों तथा दूर-दराज से आए तीर्थयात्रियों को अपने हाथों से महाप्रसाद का वितरण किया। अपने इस दो दिवसीय डीग प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने भक्ति के साथ-साथ राजधर्म का पालन करते हुए भरतपुर और डीग जिले के आला अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक भी ली, जिसमें क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों, पेयजल योजनाओं तथा बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
