अपने आराध्य एवं गुरू पर अटूट विश्वास रखें

इन्दौर । जिस तरह हम किसी वाहन में बैठकर यात्रा करते वक्त उसके चालक पर पूरा भरोसा रखते हैं और वह हमें बिना किसी बाधा के गंतव्य तक पहंुचाता है तो इसका आशय यही है कि हमें उस पर पूरा विश्वास रहा। इसी तरह हम अपने आराध्य एवं गुरू पर अटूट विश्वास रखेंगे तो हमें भी अपनी जीवनयात्रा में बिना किसी भय या दुर्घटना के अपनी मंजिल अवश्य मिलेगी। हमारा विश्वास अटल होना चाहिए।
अग्रवाल नगर ओल्ड भूमि स्थित ‘रामांश’ पर चल रहे पांच दिवसीय सत्संग सत्र के समापन अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के आचार्य जगदगुरू स्वामी रामदयाल महाराज ने उक्त प्रेरक विचार अपने आशीर्वचन के रूप में व्यक्त किए। इस अवसर पर आयोजन समिति की ओर से सतीश-वंदना कचोलिया, के.डी. अग्रवाल, दिनेश माहेश्वरी, मुकेश-संगीता कचोलिया, विजय न्याती, अमित-श्वेता कचोलिया, राजू बाहेती, अनिल तोतला, डॉ. विजय निचानी आदि ने आचार्यश्री का स्वागत किया। इस अवसर पर मुंबई के डॉ. दीपक वैद्य, अनिल लड्ढा, मनीष बाहेती, टीपू बिडला, सतीश शर्मा, अश्विन लखोटिया, केदार हेडा सहित अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित थे जिन्होंने आचार्यश्री के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए उन्हें भावपूर्ण विदाई दी।
इसके पूर्व अपने आशीर्वचन में आचार्यश्री ने कहा कि अपने ईष्ट या गुरू पर हमें शत-प्रतिशत भरोसा होना चाहिए। हम विश्वास पर ही जीवित हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने ईष्ट भगवान शंकर पर विश्वास किया और केदारनाथ जाकर दर्शन-पूजा की, इसीलिए उन्हें ऐतिहासिक विजयश्री प्राप्त हुई।
