अब मोबाइल टावरों के जरिए पाक ने रची खतरनाक साजिश, सुरक्षा एजेंसियों में बढ़ी बेचैनी

सीमांत गांव हजारा सिंह वाला (फिरोजपुर)। जब से पाक ड्रोनों के भारतीय सीमांत गांवों के ऊपर मंडराने की घटनाएं सामने आई हैं, तभी से हुसैनीवाला बार्डर से सटे सरहदी गांवों के ग्रामीणों के मोबाइल पर पाकिस्तानी मोबाइल कंपनी के सिग्नल आने लगे हैं।
इससे सुरक्षा एजेंसियों में बेचैनी है। कोई भी शहरी व्यक्ति सीमांत गांवों में पहुंचता है तो उनके मोबाइल पर पाक मोबाइल कंपनी के सिगनल आने लगते हैं। पहले ये सिग्नल कमजोर थे, लेकिन कुछ दिनों से इसकी रेंज बढ़ गई है।
शुक्रवार शाम तीन बजे सीमांत गांव हजारा सिंह वाला में प्रवेश करते ही मोबाइल फोन पर पाकिस्तानी मोबाइल कंपनी जोंग, जाज व टेलीनोर के सिग्नल मिलने लगे। ग्रामीण दर्शन सिंह और सुरजीत सिंह ने बताया कि जब से पाक ड्रोन भारत में सीमांत गांवों के ऊपर मंडराने लगे हैं तभी से पाक मोबाइल कंपनी के सिग्नल मोबाइल फोन पर दिखाई देने लगे हैं।
ग्रामीणों ने आशंका जताई कि शायद इन्हीं सिग्नल के जरिए पाकिस्तान भारतीय सीमा के ऊपर आसमान में ड्रोन उड़ाता है। हुसैनीवाला बॉर्डर से सटे सीमांत गांव हजारा सिंह वाला, गट्टी राजोके, टिंडी वाला व बस्ती राम लाल के ऊपर सोमवार, मंगलवार और बुधवार रात को पाक ड्रोन मंडराते हुए देखे गए हैं।
सीमांत गांवों में बहुत से तस्कर सक्रिय हैं, जिनके पास पाकिस्तान मोबाइल कंपनी के सिम कार्ड हैं, इनके पाक तस्करों व पाक की खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ गहरे संबंध हैं। पाक मोबाइल कंपनी की रेंज बढ़ाने का ये भी मकसद हो सकता है कि पाकिस्तानी अपने साथियों के साथ संपर्क साध सके।
कई बार बीएसएफ और पुलिस ने तस्करों से हथियार व हेरोइन के साथ पाक मोबाइल कंपनी के सिम कार्ड भी पकड़े हैं। पाक ड्रोन के बाद से सरहद पर चौकसी बढ़ाई गई है। बीएसएफ और पुलिस ने सीमांत गांवों के ग्रामीणों को कोई संदिग्ध वस्तु मिलने पर तुरंत सूचना देने की बात कही है।
वहीं खुफिया सूत्रों के मुताबिक सीमांत गांवों में कुछ ऐसे तस्कर रहते हैं, जो पाक जेल से रिहा होकर आए हैं। एक तस्कर हरजिंदर सिंह तो पकड़ा जा चुका है, जो पाकिस्तान से सतलुज दरिया के जरिए हेरोइन, हथियार और गोला-बारुद लेकर आ रहा था। इसी तरह कई ऐसे तस्कर हैं जो बीएसएफ को चकमा देकर पाक चले जाते हैं।
