अब रवीना, सैफ ने बॉलीवुड की पोल खोली
अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद बॉलिवुड में नेपोटिज्म को लेकर घमासान मचा हुआ है। कंगना रनौत, शेखर कपूर सहित कई बॉलीवुड सिलेब्स ऐसे ट्वीट्स कर चुके हैं, जो इंडस्ट्री के अंदर की गड़बड़ी की ओर इशारा कर रहे हैं। अब अभिनेत्री रवीना टंडन ने ट्विटर पर अहम खुलासा किया है। रवीना का कहना है कि इंडस्ट्री कैंप्स में बंटी है और इसमें घटिया राजनीति भी है। इतना ही नहीं उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि उन्हें फिल्मों से हीरो और उनकी गर्लफ्रेंड्स ने निकलवाया।
रवीना ने ट्वीट किया, इंडस्ट्री के हीरोज, उनकी गर्लफ्रेंड्स और फेक मीडिया स्टोरीज ने मुझे फिल्मों से निकलवाया है। कई करियर बर्बाद हो गए हैं। आपको बने रहने के लिए संघर्ष करना पड़ता है, फाइट बैक करना पड़ता है, कुछ सर्वाइव करते हैं कुछ नहीं। रवीना ने दूसरा ट्वीट किया है, जब आप सच बोलते हैं तो आपको झूठा, पागल, सायकॉटिक प्रचारित कर दिया जाता है। चमचे पत्रकार पेज भर-भरकर लिखते हैं और आपकी सारी मेहनत को बर्बाद कर देते हैं। रवीना ने लिखा है वह आभारी हैं, इंडस्ट्री ने उन्हें कुछ भी दिया, लेकिन कुछ लोगों की गंदी राजनीति मन खट्टा कर देती है। एक और ट्वीट में रवीना ने लिखा, ऐसा किसी ऐसे के साथ भी हो सकता है जो इंडस्ट्री में पैदा हुआ हो, 'इनसाइडर' जैसा कि मैं सुन सकती हूं कुछ ऐंकर्स इनसाइडर या आउटसाइडर चिल्ला रहे हैं लेकिन आप लड़ते हैं। जितना उन्होंने मुझे दबाने की कोशिश की, उतनी तेजी से मैंने फाइट बैक किया। गंदी राजनीति हर जगह होती है। उन्होंने यह भी लिखा, मुझे अपनी इंडस्ट्री से प्यार है, लेकिन हां, प्रेशर काफी ज्यादा है। यहां अच्छे लोग हैं और ऐसे लोग भी हैं, जो गलत काम करते हैं। हर तरह के लोग हैं लेकिन दुनिया ऐसी ही है।
सैफ अली खान
अभिनेता सैफ अली खान बॉलीवुड में लंबे समय से सक्रिय हैं और उनके परिवार के इस इंडस्ट्री के साथ बेहतरीन संबंध रहे हैं। इस सब के बावजूद सैफ के मुताबिक वो खुद नेपोटिज्म का शिकार हुए हैं। उनके करियर पर भी नेपोटिज्म का असर देखने को मिला है। सैफ ने कहा, नेपोटिज्म का शिकार तो मैं भी हुआ हूं लेकिन किसी को भी इसमें दिलचस्पी नहीं है। बिजनेस ऐसे ही चलता है।
सैफ ने कहा किसी विशेष वर्ग को ज्यादा मौके देना और ज्यादा प्रतिभाशाली लोगों को छोड़ देना,ये सब ठीक नहीं है. नेपोटिज्म में सबसे बुरा ये होता है कि कई बार काबिल और बेहतरीन कलाकारों को छोड़ उन्हें ले लिया जाता है जो ज्यादा टैलेंटेंड नहीं होते। अब मेरे पास इसका कोई जवाब तो नहीं है. लेकिन ऐसा होता तो है।
सैफ ने कहा कि सुशांत खुद मानते थे कि इंडस्ट्री में नेपोटिज्म होता है। सैफ के अनुसार इंडस्ट्री में ये संघर्ष तो चलता रहता है। बस इंसान को हमेशा समान अवसर मिलने चाहिए।
