अब रोज हो रही है 2050 कोरोना सैंपल्स की जांच, जून तक 7000 का लक्ष्य
भोपाल | भोपाल.एमपी में कोरोना संदिग्ध मरीज़ों (Corona suspected patients) के सैंपल जांच में तेज़ी आयी है. लैब में अब रोज करीब 2050 सैंपल्स टेस्ट (Samples test) किए जा रहे हैं. जबकि पहले ये संख्या सिर्फ 60 थी. जांच में तेज़ी आने से अब रिपोर्ट भी जल्दी आ रही है और समय पर इलाज शुरू हो रहा है.
प्रदेश में अब लगभग 20 से 25 प्रतिशत रिपोर्ट ही पेंडिग हैं. कोरोना सैंपल्स की जांच में देरी से लोग परेशान थे. जितनी देर से रिपोर्ट आती थी उतना ही ख़तरा संदिग्ध मरीज़ों की जान को था. इस शिकायत को दूर किया गया है. प्रदेश की विभिन्न लैब में जांच की क्षमता बढ़ाई गई है. पहले एक दिन में सिर्फ 60 सैंपल्स की जांच होती थी, उसे बढ़ाकर अब 2050 किया गया है.जून तक इसे सात हजार तक करने का लक्ष्य है. जांच में तेज़ी आयी तो रिपोर्ट भी वक्त पर मिलने लगी है.
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय कर रहा मॉनिटरिंग
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार देश में सभी जिलों को तीन कैटेगरी में बांटा गया है. रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन. इन जिलों में पॉजिटिव केस की संख्या, डबलिंग रेट और टेस्टिंग के हिसाब से ये जोन बनाए गए हैं.स्वास्थ्य मंत्रालय ने ये दिशा निर्देश दिए हैं कि रेड और ऑरेंज ज़ोन में कन्टेनमेंट के जरिए संक्रमण को फैलने से रोकें. इसलिए राज्य सरकार रेड ज़ोन वाले जिलों को लेकर बेहद सतर्क है.इंदौर में सैंपल कलेक्शन की रिपोर्ट को फौरन क्लियर किया जा रहा है, क्योंकि प्रदेश के सबसे अधिक पॉजिटिव मरीज़ यहीं से मिले हैं.रेड ज़ोन के बाद ऑरेंज ज़ोन वाले जिलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग चौकन्ना है. क्योंकि ये ज़ोन या तो प्रदेश को अच्छी खबर देंगे या फिर चिंता बढ़ाएंगे.
स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइड लाइन
जिन जिलों में 21 दिन में कोई भी नया मामला सामने नहीं आया है, उसे ग्रीन जोन में रखा गया है.स्वास्थ्य सचिव ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर कहा है कि 28 दिन की जगह 21 दिन तक यदि कोरोना का नया केस नहीं आता है तो उस जिले को रेड जोन से ग्रीन जोन में शिफ्ट कर दिया जाएगा.अब देखना है कि एमपी के 9 जिले जो रेड जोन में शामिल है.उन्हें कब तक ग्रीन सिग्नल मिलेगा
चलिए अब आपको बताते हैं की किस जिले में कितने सैंपल कलेक्ट किए गए और कितनी रिपोर्ट वहां की पेंडिंग है.
जिला- सैंपल कलेक्टेड- पेंडिंग रिपोर्ट
जबलपुर- 2237- 350
उज्जैन – 2574- 366
रतलाम- 445- 98
देवास- 516- 135
मंदसौर-124- 25
नीमच-215- 46
शाजापुर- 210- 58
आगर-मालवा -184- 49
खंडवा- 432- 97
बुरहानपुर-171- 32
खरगोन- 796- 164
बड़वानी-491- 120
धार- 822- 235
झाबुआ- 324- 54
आलीराजपुर- 209- 34
सागर- 308- 48
दमोह- 91- 10
छतरपुर- 225- 26
टीकमगढ़- 550- 90
शिवपुरी-463- 85
श्योपुर- 323- 47
भिण्ड- 174- 29
मुरैना- 651- 105
दतिया- 71- 0
सीहोर- 221 – 22
रायसेन- 850- 135
विदिशा- 610- 74
बैतूल- 235- 44
राजगढ़- 344- 56
होशंगाबाद – 488- 83
हरदा -106- 14
भोपाल-16424- 2438
इंदौर- 8433- 0
ग्वालियर-2631- 212
