अमृतसरः चंडीगढ़ में युवती को लगी नशे की लत, मां ने बचाने के लिए बेटी को जंजीरों में जकड़ा

नशे के दलदल में फंसी बेटी को बचाने के लिए एक मां ने उसके पैरों को जंजीरों से जकड़ दिया। बेटी नशे के लिए छटपटाती है, लेकिन बेबस मां जंजीरों को नहीं खोल पाती। अमृतसर की एक कॉलोनी के सामने एक फ्लैट में रहने वाली 25 वर्षीय युवती नशे की आदी हो चुकी है। छह बहनों में सबसे छोटी इस युवती को अब परिवार वाले नशा छुड़ाओ केंद्र से लाई गई दवा को ही नशे की गोली बता कर खिला रहे हैं।
सोमवार को किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस वहां पहुंची और युवती की मां से पूछा कि उसे जंजीरों में बांधकर क्यों रखा है। इस पर पीड़िता ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी को पढ़ाने की भी कोशिश की, पर पांचवीं के बाद उसका मन पढ़ाई में न लगा। उसे जंजीरों में बांधना मजबूरी है, वरना वह किसी भी समय घर से निकल जाती और नशा करके ही लौटती थी। सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थित स्वामी विवेकानंद नशा मुक्ति केंद्र ले गई, पर सरकारी दवा कारगर साबित न हुई।
उसकी नशा करने की इच्छा लगातार बढ़ रही है। वह कोई न कोई बहाना बनाकर घर से बाहर निकल जाती थी। इसके बाद पुलिस ने कहा कि इसे नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल करवा देते हैं, इस पर युवती की मां ने कहा कि उसे सिर्फ दस दिन का समय दिया जाए। वे उसे नशा मुक्ति की दवा खिला रही है। यदि वह ठीक न हुई तो जैसा पुलिस कहेगी, वैसा ही होगा।
