अमेरिका के सभी 50 राज्य चपेट में, ऑस्ट्रेलिया में इमरजेंसी, पूरी दुनिया में दो लाख संक्रमित
कोरोना वायरस अब अमेरिका के हर राज्य में पहुंच गया है। कुछ दिनों पहले तक 49 राज्य इसकी चपेट में थे और वेस्ट वर्जीनिया सूबे में इसका कोई रोगी नहीं था लेकिन अब यह प्रांत भी कोरोना की चपेट में आ गया है। एक आधिकारिक घोषणा में यह जानकारी दी गई। इसके अलावा अमेरिका में कोरोना की वजह से दम तोड़ने वालों की संख्या 110 के पार हो गई है। देश के अब 18 राज्य ऐसे हैं जहां कम से कम एक व्यक्ति की जान चली गई है। यहां कोरोना के मरीज करीब छह हजार से अधिक हो गए हैं। अमेरिका में कोरोना से सबसे बुरी तरह प्रभावित न्यूयार्क है। यहां 1600 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। इसके बाद वाशिंगटन का नंबर है जहां संक्रमण के एक हजार मामले सामने आ चुके हैं। कैलिफोर्निया में 600 मामले आ चुके हैं।
सरकार की लोगों के खाते में पैसे भेजने की योजना
राष्ट्रपति भवन ने कहा है कि वह कोरोना से लड़ने के लिए एक ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के आर्थिक पैकेज पर विचार कर रहा है। इनमें से 250 अरब डॉलर की धनराशि अमेरिकियों के बैंक खाते में सीधे जाएगी। देश के वित्त मंत्री स्टीवन मनूचिन ने कहा कि इस बाबत एक प्रस्ताव रख दिया गया है।
उन्होंने कहा कि इसके तहत प्रत्येक व्यक्ति को सीधे चैक सौंपा जाएगा। कुछ पैसा कर्ज के रूप में भी होगा। अगर कांग्रेस जल्द कदम उठाती है तो ये चेक अप्रैल के अंत तक सौंपे जा सकेंगे। अभी अमेरिकियों को नकदी की जरूरत है और राष्ट्रपति अगले दो सप्ताह में नकदी देना चाहते हैं।
उन्होंने यह जाहिर नहीं किया कि किसको यह पैसा मिलेगा या फिर प्रति व्यक्ति कितनी धनराशि तय की गई है। हालांकि उन्होंने यह संकेत दिया कि इसका मकसद बीमारी के फैलने के वजह से सबसे अधिक प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाना है।
ऑस्ट्रेलिया में इमरजेंसी का एलान
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरीसन ने बुधवार को देश में मानव जैव सुरक्षा आपातकाल की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही देश में नए प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं। इस इमरजेंसी के लागू होने से सरकार को कर्फ्यू लगाने की शक्ति मिल गई है और वह अब, अगर जरूरी लगे तो लोगों के लिए अलग थलग रहने का आदेश जारी कर सकती है।
ये नए प्रतिबंध अब यहां के स्तर चार के आ गए हैं। इसका मुख्य असर यात्रा करने पर है। नए कानून के तहत सरकार को यह शक्ति मिल गई है कि वह लोगों से कह सके कि वे यात्रा न करें। देश में ऐसा पहली बार हुआ है जब स्तर चार के प्रतिबंध को लागू कर दिया गया है।
मॉरीसन ने कहा कि सबसे ज्यादा जोखिम विदेश से आने वाले लोगों की वजह से है। जो ऑस्ट्रेलियाई विदेशों से लौट रहे हैं, उनसे कहीं अधिक खतरा है। सरकार ने 100 से अधिक लोगों के गैर जरूरी ढंग से जमा होने पर रोक लगा दी है। यहां करीब साढ़े चार सौ पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं, इनमें से पांच की मौत हो चुकी है और 43 लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं।
ईरान में एक हजार से अधिक की मौत
ईरान ने 147 लोगों की और मौत हो गई है। इससे देश में कोरोना की वजह से मरने वालों का आंकड़ा 1,135 हो गया है। ईरान इस समय पश्चिम एशिया में इस बीमारी का केंद्र बना हुआ है और आसपास के कई देशों जैसे पाकि स्तान, यूएई, बहरनी और कुवैत में कई मामले ईरान की वजह से ही सामने आए हैं। देश के उपस्वास्थ्य मंत्री अलीरजा रईसी ने लोगों को सलाह दी है कि वे अगले दो सप्ताह तक घरों में रहें। यहां संक्रमण के 1,192 मामले सामने आए हैं और कुल पीड़ित लोगों की संख्या 17,361 हो गई है।
सऊदी अरब में मस्जिदों में नमाज पढ़ने पर रोक
सऊदी अरब ने देश की सभी मस्जिदों में नमाज अदा करने पर रोक लगा दी है। शासकीय मीडिया में जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि ये प्रतिबंध इस्लाम की दो सबसे पवित्र जगहों मक्का और मदीना की मस्जिदों पर लागू नहीं होगा। सऊदी प्रेस एजेंसी के अनुसार मस्जिदें पांचों वक्त की नमाज के लिए बंद रहेंगी। इसके अलावा जुमे की नमाज भी अदा नहीं की जा सकेगी।
हालांकि, मस्जिदों से अजान को नहीं रोका गया है। आदेश के अनुसार अब लोग घरों में ही नमाज अदा करेंगे। सऊदी अरब में कोरोना के करीब 170 मामले हैं और यहां सिनेमाहॉल, मॉल और रेस्त्रां बंद किए जा चुके हैं। यहां उमरा पर भी रोक लग चुकी है। इसके अलावा 15 दिन के लिए निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को काम पर नहीं आने का आदेश दिया गया है।
बाकी देशों का कुछ ऐसा है हाल
- पाकिस्तान में संक्रमित लोगों की संख्या 246 पहुंची
- पुर्तगाल में एक ही दिन में आए 194 मामले
- श्रीलंका में सात नए मामले
- स्पेन में एक दिन ही मिले 1890 मामले, 65 और मरे
