अयोध्या के पर्यटन विकास प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने का प्रस्ताव

प्रदेश सरकार अयोध्या के पर्यटन विकास व भगवान श्रीराम की 251 फुट ऊंची प्रतिमा की स्थापना से जुड़े प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार से राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दे दिया गया है। सरकार ने इस पूरे प्रोजेक्ट की टाइमलाइन तय करते हुए इसके क्रियान्वयन की रूपरेखा को भी मंजूरी दे दी है।शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अयोध्या में पर्यटन विकास व सौंदर्यीकरण के अंतर्गत भगवान श्रीराम पर आधारित डिजिटल म्यूजियम, व्याख्या (इंटरप्रेटेशन) सेंटर, लाइब्रेरी, पार्किंग, फूड प्लाजा, लैंड स्केपिंग व श्रीराम की प्रतिमा व अन्य मूलभूत पर्यटक सुविधाओं के विकास से जुड़े काम किए जाने हैं। इसके लिए एनएचएआई, रेलवे, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व सिंचाई विभाग से एनओसी प्राप्त करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में सुझाव आया था कि यदि प्रस्तावित पूरे प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्मारक घोषित कर दिया जए तो इन विभागों से अनापत्ति प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ सकेगा।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बनेगा ट्रस्ट

इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए सरकार मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक ट्रस्ट बनाने जा रही है। इसके प्रस्तावित ड्राफ्ट में आंशिक संशोधन के साथ मंजूरी दे दी गई है। पर्यटन विभाग ने ट्रस्ट में सदस्य के रूप में राजकीय निर्माण निगम के प्रबंध निदेशक, महाप्रबंधक व मुख्य वास्तुविद् को शामिल करने का प्रस्ताव किया था। इनको हटाते हुए प्रमुख सचिव न्याय, प्रमुख सचिव संस्कृति तथा प्रमुख अभियंता लोक निर्माण को शामिल करने का फैसला हुआ है। प्रस्तावित ट्रस्ट का नाम तय करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत कर दिया गया है। इस ट्रस्ट का बैंक अकाउंट होगा और उसी में सीएसआर व दान आदि से जुड़ी राशि प्राप्त की जाएगी।

 

यूपी व गुजरात के बीच होगा एमओयू, आईआईटी कानपुर व एसपीए भी जुड़ेगा

प्रदेश सरकार ने श्रीराम की मूर्ति स्थापना सहित अयोध्या के पूरे प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए तकनीकी मार्गदर्शन व सहायता के लिए गुजरात सरकार के साथ एमओयू करने का फैसला किया है। सरकार ने एमओयू से जुड़े ड्राफ्ट पर भी सहमति दे दी है। इस पर जल्द ही एमओयू की संभावना है। इसके अलावा प्रोजेक्ट साइट का जियालॉजिकल सर्वे, हाइड्रोलॉजिकल सर्वे, सीज्मिक सर्वे तथा नीरी (नागपुर) से पर्यावरण मुल्यांकन व भौतिक अध्ययन कराने का फैसला हुआ है। 

श्रीराम की मूर्ति स्थापना के साथ समग्र पर्यटन विकास पर केंद्रित होगा प्रोजेक्ट

कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम ने डिजाइन कंसेप्ट चयन के लिए जो कार्ययोजना तैयार की है उसमें अयोध्या के समग्र पर्यटन विकास को केंद्र में न रखकर श्रीराम की मूर्ति स्थापना पर केंद्रित कर दिया गया था। निर्माण निगम प्रोजेक्ट की परिकल्पना, संरचना, बिडिंग प्रक्रिया व निर्माण आदि के लिए महाप्रबंधक स्तर का एक अलग आंचलिक केंद्र स्थापित करेगा। 

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