अयोध्या विवाद पर महंत नरेंद्र गिरी का दावा, बोले- राम मंदिर के ही पक्ष में आयेगा फैसला

प्रयागराज. अयोध्या में विवादित भूमि बंटवारे (Ayodhya Dispute) को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई जारी है. इसी क्रम में शनिवार को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) ने 18 अक्टूबर तक सुनवाई खत्म करने को लेकर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस रंजन गोगोई (CJI Ranjan Gogoi) की राय का समर्थन किया. नरेंद्र गिरि ने दावा करते हुए कहा कि अयोध्या विवाद में राम मंदिर के ही पक्ष में ही फैसला आयेगा. उन्होंने कहा कि जल्द ही अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा. जिसके लिए साधु संत लगातार प्रार्थना कर रहे हैं.
समय से मामला निपटाने को एक घंटे ज्यादा हो रही सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में 5 अगस्त से अयोध्या भूमि विवाद पर रोजाना सुनवाई शुरू हुई थी. तब से हफ्ते में पांच दिन इस मामले पर बहस हो रही है. मामले को जल्द निपटाने के लिए कोर्ट अतिरिक्त एक घंटे सुनवाई कर रहा है. गुरुवार को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने मामले को समयसीमा में खत्म करने को कहा. उन्होंने कहा कि इसकी सुनवाई 18 अक्टूबर तक खत्म होनी चाहिए. ऐसा नहीं होने पर जल्द फैसले की उम्मीद कम होगी. उन्होंने कहा था कि एक महीने में फैसला देना एक तरह का चमत्कार होगा.
मुस्लिम पक्ष की वकील ने कहा- पुख्ता साक्ष्य नहीं है ASI रिपोर्ट
मीनाक्षी अरोड़ा ने कहा कि इस रिपोर्ट को ‘पुख्ता साक्ष्य’ नहीं माना जा सकता. उन्होंने कहा, 'एएसआई की 2003 की रिपोर्ट एक कमजोर साक्ष्य है और इसके समर्थन में ठोस साक्ष्य की आवश्यकता है.' संविधान पीठ के अन्य सदस्यों में जस्टिस एस ए बोबडे, जस्टिस धनन्जय वाई चन्द्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस अब्दुल नजीर शामिल हैं. उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट अदालत के लिये बाध्यकारी नहीं है क्योंकि यह प्रकृति में सिर्फ 'परामर्शकारी' है.
