अस्पताल दिन में दो बार सार्वजानिक करें खाली बेडों की संख्या-योगी

लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डीआरडीओ के सहयोग से लखनऊ और वाराणसी में कोविड अस्पताल की स्थापना की कार्यवाही पूर्ण होने वाली है। सभी आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाओं से युक्त इन दोनों अस्पतालों के क्रियाशील होने से प्रदेश के चिकित्सा संसाधन और सुदृढ़ होंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इनके सहज संचालन के लिए आवश्यक प्रशिक्षित मानव संसाधन आदि के संबंध में व्यवस्था कर ली जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को बेड की उपलब्धता की समुचित जानकारी उपलब्ध कराई जाए। प्रदेश में ऐसे सभी हॉस्पिटल जहां कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज हो रहा है, प्रत्येक दिन में दो बार अस्पताल में रिक्त बेड का विवरण सार्वजनिक करें। यह विवरण जिले के इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर के पोर्टल पर भी अपलोड कराया जाए। बेड का आवंटन पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाना चाहिए। सभी जिला प्रशासन इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कराएं।
मुख्यमंत्री योगी ने शनिवार को यहां टीम-11 के साथ समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि रेमडेसिविर तथा अन्य जीवन रक्षक दवाओं का वितरण पारदर्शी रूप से किया जाए। कैडिला कम्पनी से 18,000 वॉयल रेमेडेसिविर और प्राप्त हो गया है। हर दिन इसकी आपूर्ति बढ़ती जा रही है। मांग के अनुसार संबंधित कंपनियों को और डिमांड भेजी जाए। आपूर्ति के साथ-साथ इसकी वितरण व्यवस्था को और बेहतर बनाने की आवश्यकता है। सभी जरूरतमन्दों को यह सुविधाएं समान रूप से उपलब्ध करायी जाएं। उन्होंने कहा कि विगत 24 घंटों में प्रदेश में 23 हजार से अधिक लोग कोरोना संक्रमण से मुक्त हुए हैं। स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या में हर दिन हो रही यह वृद्धि अत्यन्त सुखद है। हम सभी अगर कोविड प्रोटोकाॅल को अमल में लाते हुए टेस्ट, ट्रेस और ट्रीट के मंत्र को आत्मसात करें, तो कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई में हमारी जीत सुनिश्चित है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आगामी एक मई से 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी प्रदेशवासियों का टीकाकरण किया जाना है। यह टीकाकरण नागरिकों के लिए पूर्णतः निःशुल्क होगा। इस संपूर्ण प्रक्रिया के सुचारु संचालन की कार्ययोजना वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की अध्यक्षता में गठित कमेटी तैयार करेगी। समिति द्वारा वैक्सीन निर्माता कम्पनियों से संवाद स्थापित करते हुए वृहद टीकाकरण को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित कराई जाए। इस कार्य में देरी न हो। कोविड की चेन को तोड़ने के लिए कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग अति महत्वपूर्ण है। कोविड संक्रमित व्यक्ति के परिवारीजनों के साथ-साथ उनके संपर्क में आए लोगों का टेस्ट जरुर कराया जाए। आरटीपीसीआर और एंटीजन टेस्ट की क्षमता को दोगुना किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऑक्सीजन की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। बोकारो से भारतीय रेल की विशेष ‘ऑक्सीजन रेल’ उत्तर प्रदेश पहुंच चुकी है। मोदीनगर, काशीपुर, पानीपत और रुड़की प्लांट से भी प्रदेश को ऑक्सीजन आपूर्ति हो रही है। इस ऑक्सीजन का पारदर्शिता के साथ सुचारु वितरण कराया जाए।
