आपदा प्रबंधन के लिए कार्ययोजना तैयार करें : मुख्य सचिव

रायपुर। मुख्य सचिव श्री सुनील कुमार कुजूर की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में बाढ़ आदि नैसर्गिक विपत्तियों से निपटने के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि पिछले वर्षो में अत्याधिक वर्षा के कारण बाढ़ की स्थिति निर्मित होने के दौरान राहत एवं बचाव कार्य के क्रियान्वयन में आए बाधाओं अथवा कमियों को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन की कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का चिन्हांकन कर सतत् निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्य स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना कर ली गयी है। यहां नोडल अधिकारी की नियुक्ति भी कर दी गयी है। राज्य के किसी भी क्षेत्र में बाढ़ अथवा अन्य आपदा की स्थिति में दूरभाष क्रमांक-0771-2223471, टेलीफैक्स क्रमांक-0771-2223472, मोबाईल नम्बर-94252-54003, 94242-14218 और ई-मेल सी.जी.रिलिफ/जी मेलडॉटकॉम पर सूचना दी जा सकती है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा महामारी की स्थिति में नियंत्रण के लिए कॉम्बेट टीम का गठन किया जाएगा। राज्य की सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, पहुंचविहीन ग्रामों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानीन के पास पर्याप्त मात्रा में क्लोरीन, ओ.आर.एस. एवं आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं का भण्डार कराने के निर्देश दिए गए हैं।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग राज्य के समस्त पेयजल स्त्रोतों का शुद्धिकरण करेगा साथ ही नदी किनारे के संवेदनशील क्षेत्रों के हेण्डपंपों का संधारण विशेष रूप से करेगा। जल संसाधन विभाग द्वारा बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ का गठन कर दिया गया है। विभाग के मैदानी अधिकारियों द्वारा वर्षा की स्थिति पर सतत् निगरानी रखी जाएगी और जलाशयों से जल छोड़ने, नियमित निकासी, जल स्तर बढ़ने पर निचले जिलों और सीमावर्ती राज्यों को 12 घंटे पूर्व सूचना दी जाएगी।
लोक निर्माण विभाग द्वारा राज्य के सभी क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों की मरम्मत की जाएगी साथ ही जल मग्न होने वाले पुल के दोनों ओर चमकदार सूचना बोर्ड लगाये जाएंगे। वर्षा काल के दौरान पहुंच विहीन क्षेत्रों के राशन दुकानों में आगामी चार माह के लिए खाद्य सामग्री का भण्डारण किया जाएगा। बाढ़ की स्थिति में प्रभावित स्थलों और राहत शिविर के लिए स्थान का चयन नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा की जाएगी साथ ही नगरीय निकायों में कंट्रोल रूम की स्थापना की जाएगी। बाढ़ अथवा अन्य नैसर्गिक आपदा की स्थिति में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, कृषि विभाग, ऊर्जा, वन, रेल्वे, पुलिस, भारतीय सेना, जनसम्पर्क, दूरदर्शन, आकाशवाणी, रेडक्रास एवं अन्य विभाग भी समन्वय के साथ कार्य करेंगे।
बैठक में अपर मुख्य सचिव कृषि श्री के.डी.पी. राव, अपर मुख्य सचिव गृह एवं जेल श्री सी.के. खेतान, राजस्व सचिव श्री एन.के.खाखा, खाद्य सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, जल संसाधन सचिव श्री अविनाश चम्पावत, विशेष सचिव नगरीय विकास श्रीमती अलरमेल मंगई डी., पुलिस विभाग के श्री अशोक जुनेजा, श्री अजय यादव, कमांडेन्ट कोशा मुख्यालय के कर्नल सुदीप्ता, नगर सेना के श्री गोवर्धन सिंह दरों, लोक निर्माण विभाग के श्री अनिल राय, ऊर्जा विभाग के श्री एन.डब्ल्यू.हेंडरी सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
