आयात-निर्यात मुद्दों के लिए कोविड-19 हेल्प डेस्क, पेपर्स और बैंक से जुड़े मामलों में मिलेगी मदद

वाणिज्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि उसने सीमा शुल्क विभाग की तरफ से मंजूरी में देरी और बैंक से जुड़े मामलों समेत निर्यातकों तथा आयातकों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए कोविड-19 सहायता प्रकोष्ठ शुरू किया है।

मंत्रालय की इकाई विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए निर्यात और आयात की स्थिति तथा इससे जुड़े पक्षों की समस्याओं पर नजर रखने के लिए यह पहल की है। मंत्रालय ने कहा, ''डीजीएफटी ने कोविड-19 सहायता प्रकोष्ठ का गठन किया है। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े मुद्दों का उपयुक्त समाधान निकालना और निर्यातकों तथा आयातकों की मदद करना है। उसने कहा कि प्रकोष्ठ आयात और निर्यात लाइसेंस, सीमा शुल्क मंजूरी में देरी, आयात/निर्यात दस्तावेज तथा बैंक से जुड़े मामलों को देखेगा।

इस तरह होगा समस्याओं का समाधान

मंत्रालय के अनुसार यह प्रकोष्ठ केंद्र एवं राज्य सरकारों के अन्य मंत्रालयों/विभागों/एजेंसियों से जुड़े मामलों में समन्वय कर उसका समाधान उपलब्ध कराएगा। संबंधित पक्ष डीजीएफटी की वेबसाइट पर अपनी उन समस्याओं की जानकारी दे सकते हैं जिसके लिए उन्हें मदद की जरूरत है। मंत्रालय ने कहा कि 'डीजीएफटी हेल्पडेस्क सर्विसेज के तहत मामले के समाधान की स्थिति पर नजर रखी जा सकती है। इन मामलों के समाधान होने या उसके अद्यतन होने पर उसके बारे में ई-मेल और एसएमएस के जरिये जानकारी भी दी जाएगी।

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