आरकॉम ने एरिक्सन को चुकाई बकाया रकम 579.94 करोड़ को वापस मांगा

मुंबई । अनिल अंबानी के स्वामित्व वाली कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) ने स्वीडन की कंपनी एरिक्सन को 579.94 करोड़ का जो बकाया चुकाया था, उसने उसे वापस मांगा है। दिवालिया कंपनी ने कहा है कि स्वीडिश इक्विपमेंट कंपनी को दूसरे ऑपरेशनल क्रेडिटर्स के बराबर माना जाना चाहिए। आरकॉम ने यह भी कहा कि उसके खिलाफ दिवालिया अदालत में प्रक्रिया शुरू हो गई है, इसलिए एरिक्सन को पैसा वापस करना चाहिए। आरकॉम के रिफंड की मांग से दोनों के बीच मुकदमेबाजी का नया दौर शुरू हो सकता है, जिससे दिवालिया अदालत के जरिये लोन रिजॉल्यूशन प्रक्रिया में देरी हो सकती है। अनिल अंबानी की कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट के कहने पर एरिक्सन को 579.94 करोड़ रुपये का बकाया चुकाया था।
आरकॉम के रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल डेलॉयट ने पिछले हफ्ते एरिक्सन को भेजे लेटर में लिखा था, 'कंपनी का लिक्विडेशन होने या उसके रिजॉल्यूशन प्लान को मंजूरी मिलने की सूरत में जो ट्रीटमेंट दूसरे ऑपरेशनल क्रेडिटर्स को मिले, उससे अलग ट्रीटमेंट एरिक्सन को नहीं मिलना चाहिए। इसलिए एरिक्सन से अनुरोध किया जाता है कि उसे जो रकम मिली है, पूरी की पूरी लौटाने की प्रक्रिया शुरू करे।' इसमें एरिक्सन को कंपनी के 88,000 करोड़ के लेनदार टावर कंपनियों, इक्विपमेंट वेंडर्स और टेलीकॉम डिपार्टमेंट जैसे ऑपरेशनल क्रेडिटर्स की बराबरी का दर्जा देने की बात कही गई है। दिवालिया अदालत में आरकॉम पर 70,000 करोड़ रुपये की देनदारी की पुष्टि पहले ही हो चुकी है। कंपनी को कर्ज देने वाले बैंकों के मुताबिक, इस मामले में ऑपरेशनल क्रेडिटर एरिक्सन को भुगतान किया गया है जबकि आरकॉम का मामला इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड में चल रहा है। एसबीआई, चाइना डिवेलपमेंट बैंक, स्टैंडर्ड चार्टर्ड, डोएचे बैंक और डीबीएस बैंक जैसे फाइनेंशियल लेंडर्स ने आरकॉम पर 57,382 करोड़ रुपये का दावा किया है, जिसमें से 49,223.88 करोड़ रुपये के बकाये की पुष्टि हो गई है। लोन रिजॉल्यूशन के बाद ऑपरेशनल क्रेडिटर्स पर इन्हें तरजीह मिलेगी।
