आरपीएससी सदस्य मीणा और डॉ. बगडिय़ा के साथ कांग्रेस की भी विदाई, 4 पद खाली

अजमेर। राजस्थान लोक सेवा आयोग के दो वरिष्ठ सदस्य सुरजीत लाल मीणा और डॉ. के आर बगडिय़ा का कार्यकाल पूरा होने पर सोमवार को विदाई दी गई। इन दो सदस्यों की विदाई के साथ ही आयोग से भी फिलहाल कांग्रेस की भी विदाई हो गई है। अब आयोग में केवल तीन सदस्य बचे हैं और तीनों ही भाजपा शासन काल में लगे हैं। आयोग के वरिष्ठ सदस्य सुरजीत लाल मीणा और डॉ. के आर बगडिय़ा ने 18 जून 2013 को आयोग में सदस्य के रूप में ज्वाइन किया था। आज उनका 6 वर्ष का कार्यकाल पूरा हो गया। सुरजीत लाल मीणा प्लानिंग ग्रुप फ़स्र्ट डिपार्टमेंट, राजस्थान सरकार के निदेशक पद से आयोग में सदस्य के रूप में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार के कार्यकाल में भेजे गए थे। दूसरे सदस्य डॉ. के आर बगडिय़ा वीआईटी जयपुर के वाइस चेयरमेन को भी गहलोत सरकार के कार्यकाल में ही आयोग में सदस्य के रूप में लगाया गया था। इन दोनों के पद आज रिक्त हो गए और आयोग में दो पद पहले से रिक्त चल रहे हैं। अब आयोग में चार सदस्यों का इंतजार हो रहा है। इन सदस्यों को मौजूदा कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही लगाया जाना है। विदाई दी 7 आयोग में दोनों वरिष्ठ सदस्यों का कार्यकाल पूरा होने पर विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर आयोग अध्यक्ष दीपक उप्रेती, सदस्य डॉ. शिव सिंह राठौड़ व राज कुमारी गुर्जर, सचिव के के शर्मा, उपसचिव बीएल खटीक, सुशील चंद जैन आदि उपस्थित थे। आयोग सदस्य डॉ. राठौड़ और राजकुमारी गुर्जर ने मीणा और डॉ. बगडिय़ा का माल्यार्पण कर, साफा बंधा कर व स्मृति चिह्न भेंट कर अभिनंदन किया। आयोग मंत्रालयिक कर्मचारी संघ के पूर्व अध्यक्ष नमन शर्मा, हरेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, दिलीप सिंह ने भी सदस्य गण का सम्मान किया। अब आयोग में ये सदस्य रहे 7 आयोग में अध्यक्ष दीपक उप्रेती के अलावा डॉ. शिव सिंह राठौड़, राज कुमारी गुर्जर और रामू राम राइका सदस्य के रूप में बचे हैं। ये सभी तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कार्यकाल में आयोग में लगाए गए।
