इन्दौर में वर्षा जल को कैद करने की लगी होड़  

इन्दौर ।  जल की महत्ता हर किसी को पता है। जल बिन सब सून यह हम बचपन से ही सुनते, समझ़ते आ रहें हैं, जल की लगातार हो रही कमी ने हमें सचेत किया और इस उक्ति की महत्ता अब और ज्यादा समझ आ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए इन्दौर के नागरिकों ने स्वच्छता में लगातार तीन वर्षों तक अव्वल रहने के बाद जल शक्ति अभियान में भी नंबर वन बनने की और तेजी से कदम बढ़ाया है। इन्दौर नगर निगम क्षेत्र में एक ही दिन में डेढ़ हजार वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाकर रिकार्ड बनाया गया।
इन्दौर शहर में मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार में जल शक्ति अभियान के बेहतर एवं प्रभावी क्रियांवयन की दिशा में अनेक निर्णय लेकर उसे जमीनी  स्तर पर लागू करने का काम शुरू किया है। इन्दौर नगर निगम ने जल शक्ति अभियान को प्राथमिकता के आधार पर लागू कर घर-घर वर्षा जल के पानी को जमीन में उतारने का कार्य हाथ में लिया है। शुरूआती दौर में ही इसका व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है। लोगों में जागरूकता बढ़ रही है और वह अपने-अपने घरों व संस्थानों में छत का पानी जमीन में उतारने  के लिये वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवा रहें है। शहर में गत 25 अगस्त को एक अभियान के रूप में एक दिन में डेढ़ हजार वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का रिकार्ड कार्य किया गया। नागरिकों को प्रेरित किया जा रहा है कि वे अपने-अपने घरों में वर्षा काल के दौरान वर्षा जल को जमीन में उतारने के लिये रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाये। इसके लिये नगर निगम द्वारा एक एप भी बनाया गया है। इसके माध्यम से कोई भी नागरिक इस मोबाइल एप के द्वारा आवेदन कर सकते है। शहर में प्रत्येक जोनवार न्यूनतम 6 से 7 टीमें गठित की गई है। प्रत्येक टीम में 3-3 सदस्य हैं।
नगर निगम आयुक्त श्री आशीष सिंह ने बताया कि इन्दौर शहर में कुल 50 हजार वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से पहले चरण में 10 हजार वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का लक्ष्य है। इसे पूरा करने के लिये तेजी से कार्य चल रहा है। अब तक 2 हजार 200 वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाये जा चुके है। वर्तमान में पहले आओ पहले पाओ के आधार पर सीएसआर के तहत वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम वाला कैप्सूल नि:शुल्क दिया जा रहा है। भवन स्वामी का मजदूरी और लगने वाली सामग्री की राशि देना होती है। वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के लिये विशेषज्ञ भी नगर निगम द्वारा उपलब्ध कराये जा रहें हैं। इसके साथ ही  पाँच जल संरचनाओं का जीर्णोधार कराया गया। इसके अलावा 85 हजार 450 पौधे लगाये गये। वाटर हार्वेस्टिंग के अन्य कार्य भी चल रहें हैं।
जिस स्थान पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया जा रहा है, वहां पर जियो टैगिंग बारकोड लगाने का निर्णय भी लिया गया है। इसके द्वारा संबंधित स्थान की लाइव लोकेशन देखी जा सकेगी। शहर में नागरिकों को प्रेरित करने के लिये जल मित्र बनाये जा रहें है। वह घर-घर जाकर नागरिकों को प्रेरित करेगें, जल की महत्ता बतायेगें। नागरिकों को जागरूक करने के लिये अन्य माध्यमों को उपयोग भी किया जा रहा है। नगर निगम द्वारा वर्षा जल को जमीन में उतारने  के लिये वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के अन्य संरचनाओं को निर्माण भी किया जा रहा है। 

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