इमरान के 21 सदस्यीय मंत्रिमंडल में होंगे 16 मंत्री, 5 को बनाया जाएगा सलाहकार

भारत पर परमाणु हमले का सुझाव देने वाली शिरीन भी मंत्रिमंडल में शामिल
नई दिल्ली । पाकिस्तान के नवनियुक्त प्रधानमंत्री इमरान खान ने विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी समेत 21 सदस्यीय मंत्रिमंडल का गठन किया है। सन 2008 में भारत में हुए आतंकवादी हमले के दौरान भी कुरैशी विदेश मंत्री थे। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) प्रवक्ता फवाद चौधरी ने बताया कि घोषित किए गए 21 नामों में से 16 मंत्री होंगे, जबकि पांच अन्य प्रधानमंत्री के सलाहकार के तौर पर काम करेंगे।
उन्होंने बताया नया मंत्रिमंडल सोमवार को राष्ट्रपति भवन में शपथ ले सकता है। चौधरी द्वारा टि्वटर पर साझा सूची के अनुसार, कुरैशी को विदेश मंत्री, परवेज खट्टक को रक्षा मंत्री और असद उमेर को वित्त मंत्री बनाया गया है। रावलपिंडी के शेख राशिद को रेलमंत्री नियुक्त किया गया है। तीन महिलाएं शिरीन मजारी, जुबैदा जलाल और फहमिदा मिर्जा भी मंत्रिमंडल का हिस्सा हैं। मंत्री का दर्जा रखने वाले पांच सलाहकारों में पूर्व बैंकर इशरत हुसैन, कारोबारी अब्दुल रज्जाक दाऊद और बाबर अवान जैसे प्रतिष्ठित चेहरे शामिल हैं। बता दें कि शिरीन मजारी ने सन 1999 में कारगिल युद्ध खत्म होने के बाद एक लेख में पाकिस्तान को सलाह दी थी कि वह भारत पर परमाणु हमला कर दे।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी ने 25 जुलाई को हुए आम चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें जीती थीं। इमरान अपने प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के उम्मीदवार शाहबाज शरीफ को हराकर प्रधानमंत्री की कुर्सी संभाली है। नेशनल असेम्बली ने शुक्रवार को इमरान खान को देश का प्रधानमंत्री निर्वाचित किया था। इस दौरान उनके पक्ष में 176 वोट पड़े, जबकि उनके विरोधी शाहबाज शरीफ को 96 वोट मिले। प्रधानमंत्री बनने के बाद इमरान खान ने संसद में अपने भाषण में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान को तेज करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि कर्ज लेने के बजाय वह देश में राजस्व पैदा करने पर ध्यान देंगे। उन्होंने कहा मैं न तो देश का पैसा लूटने वालों में से किसी को छोड़ूंगा और न ही राष्ट्र के खजाने को लूटने वालों को कोई छूट दूंगा। मैं सबके लिए सख्त उत्तरदायित्व तय करूंगा।
इमरान खान ने कहा मैं किसी अधिनायक के कंधे पर सवार नहीं होऊंगा। मैं 22 साल के संघर्ष के बाद इस मुकाम पर पहुंचा हूं। मैं इस अवसर को व्यर्थ नहीं जाने दूंगा। हरहाल, में मुल्क का विकास पहली प्राथमिकता होगी। हालांकि, विपक्षी दलों ने उन पर शक्तिशाली सुरक्षा व्यवस्था के बूते वोट में हेराफेरी करने का आरोप लगाया है। पिछले महीने चुनाव के बाद से ही वे विरोध कर रहे हैं।
