उत्तर कोरिया कर रहा ऐसा काम, दुनिया देखती रह जाएगी!

वोनसन (उत्तर कोरिया): उत्तर कोरिया इस हफ्ते के अंत में अपने परमाणु परीक्षण स्थल को बंद कर देगा. इसे कवर करने के लिए विदेश पत्रकारों ने देश में डेरा जमाना शुरू कर दिया है. शुरूआत में दक्षिण कोरिया के मीडिया को भी यहां आना था लेकिन मंगलवार को उन्हें बीजिंग से चार्टर्ड विमान में सवार होने की इजाजत नहीं दी गई.  प्योंगयांग मीडिया कर्मियों के छोटे समूह को ही परीक्षण स्थल तक जाने की इजाजत दे रहा हैं.  वह चाहता है कि भूमिगत परीक्षण और अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल के प्रक्षेपण को रोक देने के उसके वायदा का प्रचार हो.


किम जोंग उन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 12 जून को होने वाली शिखर बैठक से पहले उत्तर कोरिया ने परमाणु कार्यक्रम पर स्थगन की यह एकतरफा घोषणा की है . लेकिन दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच सैन्य अभ्यास को लेकर उत्तर कोरिया ने सोल के साथ उच्च स्तरीय संबंध खत्म कर दिए हैं. शिखर बैठक की कामयाबी को लेकर चिंताओं के बीच दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जेई – इन आज वाशिंगटन में ट्रंप से मुलाकात करेंगे. 


प्योंगयांग की वार्ता रद्द करने की धमकी को दक्षिण कोरिया ने नहीं दी अहमियत

दक्षिण कोरिया ने शुक्रवार (18 मई) को कहा कि उसे विश्वास है कि उत्तर कोरिया संबंध बेहतर करने की प्रतिबद्धता को बरकरार रखेगा. दरअसल उत्तर कोरिया ने अमेरिका-दक्षिण कोरिया के बीच जारी सैन्य अभ्यासों को लेकर सोल की कड़ी आलोचना की थी और कहा था कि अगर उसकी शिकायतों की ओर ध्यान नहीं दिया जाता है तो वह अंत: कोरियाई वार्ता में शामिल नहीं होगा. दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय के प्रवक्ता बाएक तेई यून ने कहा कि सोल को उम्मीद है कि उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन के बीच पिछले महीने हुई वार्ता के दौरान जो समझौते हुए हैं, प्योंगयांग उनका पालन करेगा.


कोरियाई देशों के दोनों नेताओं ने प्रायद्वीप के ‘‘संपूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण’’ और स्थायी शांति का संकल्प लिया था. बुधवार (16 मई) को दक्षिण कोरिया के साथ होने वाली उच्च स्तरीय बैठक को रद्द करने के बाद से उत्तर कोरिया ने वाशिंगटन और सोल पर कई शब्द बाण चलाए हैं. इसके अलावा उसने किम जोंग उन और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच अगले महीने होने वाले ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन को रद्द करने की भी धमकी दी है.


विदेश विभाग ने कहा कि वह शिखर वार्ता की तैयारियां कर रहा है

विदेश विभाग ने कहा कि वह शिखर वार्ता की तैयारियां कर रहा है और दक्षिण कोरिया तथा अमेरिका के बीच चल रहे अभ्यासों पर उत्तर कोरिया ने एक भी शब्द नहीं कहा है. विदेश विभाग की प्रवक्ता हीथर नोर्ट ने कहा कि किम ने पहले संकेत दिए थे कि वह दक्षिण कोरिया के साथ लंबे समय से नियोजित संयुक्त अभ्यास जारी रखने की अमेरिका की जरुरत और उद्देश्य को समझते हैं.


उन्होंने पत्रकारों ने कहा, ‘‘हमने उस सरकार या दक्षिण कोरिया सरकार से कुछ भी नहीं सुना जो यह संकेत दे कि हम ये अभ्यास ना करें या हम राष्ट्रपति ट्रंप और किम जोंग उन के बीच अगले महीने होने वाली बैठक की तैयारी ना करें.’’ पेंटागन के प्रवक्ता कर्नल रॉब मैनिंग के अनुसार, दक्षिण कोरिया और अमेरिका के सैन्य बल अभी दक्षिण कोरिया-अमेरिका वार्षिक अभ्यास में व्यवस्थ हैं.


विदेश विभाग ने इन आरोपों को खारिज किया कि ये अभ्यास उकसाने वाले हैं

विदेश विभाग ने इन आरोपों को खारिज किया कि ये अभ्यास उकसाने वाले हैं. केसीएनए ने उत्तर कोरिया के हवाले से कहा कि उसके इस कदम के पीछे की वजह अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच चल रहा सैन्य अभ्यास है. उसने कहा, ‘‘संयुक्त अभ्यास अमेरिका और दक्षिण कोरिया के अचल रूख को दर्शाता है ताकि वह उत्तर कोरिया के खिलाफ अधिकतम दबाव बना सके और प्रतिबंध लगाए रखे.’’ 


इस बीच, उत्तर कोरिया ने इन सैन्य अभ्यासों के कारण दक्षिण कोरिया के साथ होने वाली उच्च स्तरीय बैठक भी रद्द कर दी. उत्तर कोरिया ने कोरियाई देशों के बीच बातचीत विफल होने और उत्तर-दक्षिण कोरिया संबंध खराब होने के लिए दक्षिण कोरिया प्रशासन को ‘‘पूरी तरह से जिम्मेदार’’ ठहराया. बयान में कहा गया है, ‘‘अमेरिका को दक्षिण कोरिया के साथ मिलकर उत्तर कोरिया के खिलाफ उकसावे की सैन्य कार्रवाई करने से पहले अब डीपीआरके-अमेरिका शिखर वार्ता के भविष्य के बारे में दो बार सोचना होगा.’’ 


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