उमरिया में पिता कोरोना से हारा, पुत्र जिंदगी व मौत से लड़ रहा,

उमरिया शहर में हंसते खेलते एक परिवार को कोरोना महामारी ने तबाही की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया। अचानक इस आपदा में कोरोना संक्रमण के चलते पहले 14 फरवरी को परिवार ने घर के मुखिया नरेश खट्टर (अण्डा वाला) को खो दिया। इस सदमे से पत्नी व दो बेटियां पूरी तरह उबर भी नहीं सकी थी कि घर के एकलौते चिराग सुमित (15) को कैंसर जैसी घातक बीमारी ने गिरफ्त में ले लिया। मुंबई की कैंसर अस्पताल में सुमित भर्ती है।
डॉक्टर ने इलाज के लिए 16 लाख रुपए का खर्चा बताया है। घर की जमा पूंजी पुत्र के शुरूआती इलाज में खत्म हो गई। परिवार की माली हालत देख कुछ लोगों ने मदद की पेशकश की। फिर भी भारी भरकम राशि को जुटाने में अक्षम रहे। लिहाजा अब सोशल मीडिया में क्राउड फंडिंग के जरिए सेव सुमित फ्रॉम कैंसर की मुहिम चलाई जा रही है। 1 लाख 33076 रुपए जमा भी किए गए। अभी भी 14,66,924 रुपए एकत्र करना शेष हैं। बता दें कि नरेश खट्टर (42) निवासी उमरिया ज्वालामुखी तिराहा में हाथ ठेला संचालित करता था। पत्नी चंचल खट्टर (40) के अनुसार फरवरी माह में वह कोविड 19 के संक्रमण की चपेट में आया था। इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। इधर परिवार में नरेश के अलावा पत्नी एक पुत्र (15) व दो बेटियां (आयु 18, 13 वर्ष) हैं। फरवरी में पिता की मौत के बाद अप्रैल में सुमित को पेट में दर्द की शिकायत हुई। कटनी व जबलपुर में इलाज चला। जांच के दौरान ज्ञात हुआ कि उसे कैंसर के लक्षण हैं।
12 अप्रैल को घर वाले सुमित को मुंबई की कोकिला बेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल भर्ती कराया गया। तब से उसका इलाज चल रहा है। रुपए की कमी आने पर कुछ अचल संपत्ति बेची। अब बचे हुए 14 लाख एकत्र करने का कोई माध्यम नहीं बचा है। लिहाजा मृतक के साथी व सामाजिक कार्यकर्ता क्राउण्ड फंडिंग के लिए अभियान चला रहे हैं।
