ऑक्सीजन के बेजा इस्तेमाल पर लगाया जाएगा अंकुश, कोविड मरीजों पर रहेगा फोकस

मेरठ. उत्तर प्रदेश के मेरठ के अस्पताल में ऑक्सीजन (Oxygen) की दिक्कतों को दिखाने वाले एक वायरल वीडियो पर मेरठ के सीएमओ डॉक्टर अखिलेश मोहन ने बड़ा बयान दिया है. सीएमओ का कहना है कि पहले कोविड मरीज़ों को ज्यादा से ज्यादा ऑक्सीजन मिलेगी. उन्होंने कहा कि नॉन कोविड मरीज़ों का भी इलाज लगातार किया जा रहा है. उन्होंने नर्सिंग होम एसोसिएशन (Nursing Home Association) से कहा है कि जिस ऑपरेशन या सर्जरी को टाला जा सकता है, उसे रोक दिया जाए या फिर उन्हें पोस्टपोन कर दिया जाए. इससे इस वक्त ज्यादा से ज्यादा ऑक्सीजन कोविड मरीज़ों को मिलेगी.
सीएमओ डॉक्टर अखिलेश मोहन का कहना है कि ऑक्सीजन का ऑप्टीमल यूटीइलाइजेशन होना है. इसकी वेस्टेज नहीं होने दी जाएगी. जिनको ऑक्सीजन की सख्त ज़रुरत है, उन्हें ऑक्सीजन मिलना चाहिए. बहुत से लोग ऐसे हैं जिनको ऑक्सीजन की ज्यादा ज़रूरत नहीं है, फिर भी वो ऑक्सीजन का इस्तेमाल कर रहे हैं. इस पर अंकुश लगाया जाएगा. सीएमओ ने कहा कि प्रभारी मंत्री के साथ भी वीसी हुई है. प्रभारी मंत्री ने सामंजस्य को अच्छा करने को कहा है.
कोरोना संक्रमण से हो गई थी मौत
गौरतलब है कि मेरठ में ऑक्सीजन की कथित कमी को लेकर एक वीडियो वायरल हुआ है. इसमें एक शख्स तीमारदारों से बात करता हुआ नज़र आ रहा है. इस वीडियो में मरीज़ बेड पर नज़र आ रहा है और कुछ तीमारदार रोते हुए दिखाई दे रहे हैं. इस वीडियो में तीमारदार यह कहते हुए नज़र आ रहे हैं कि एक बार तो ऑक्सीजन सप्लाई 10 मिनट के लिए बंद कर दी गई थी. हालांकि, बाद में स्थिति सुचारू हो गई. तीमारदार यह भी कहते हुए वीडियो में दिखाई दे रहे हैं कि 10 मिनट के लिए ऑक्सीजन खत्म हो गई थी और कोई झांकने तक नहीं आया. इससे पहले एक लैब टेक्निशियन का भी वीडियो वायरल हुआ था. इस लैब टेक्निशियन की बाद में कोरोना से मौत हो गई थी.
