कांग्रेस नेताओं के सामने घुटने टेकने वाले SDM को कलेक्टर ने थमाया नोटिस, पद की गरिमा के खिलाफ बताया आचरण

इंदौर. कांग्रेस (Congress) के कुछ नेता आज इंदौर (Indore) के राजबाड़ा पर देवी अहिल्यामाता प्रतिमा के नीचे धरना पर बैठ गए. कांग्रेस के इन नेताओं में पूर्व मंत्री जीतू पटवारी (Jeetu Patwari), कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला, विशाल पटेल और शहर अध्यक्ष विनय बाकलीवाल शामिल हैं. ये सभी नेता बीजेपी (BJP) के प्रदेश उपाध्यक्ष पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता और उनके साथियों के खिलाफ महामारी एक्ट (Epidemic Act) के तहत मामला दर्ज करने की मांग कर रहे थे.सूचना मिलते ही धरना समाप्त कराने के लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने कांग्रेस विधायकों और नेताओं को समझाने की कोशिश की. इसी दौरान, एसडीएम राकेश शर्मा और सराफा सीएसपी घुटनों के बल बैठकर नेताओं से धरना समाप्त करने की मिन्‍नते करने लगे. लेकिन, पूर्व मंत्री जीतू पटवारी कलेक्टर मनीष सिंह को मौके पर बुलाने और सुदर्शन गुप्ता के खिलाफ धारा बढ़ाने की मांग करते रहे. इस बात को लेकर जीतू पटवारी की एडीएम अजय देव शर्मा और एडिशनल एसपी से बहस भी हुई, लेकिन धरना जारी रहा. हालांकि बाद में ,जीतू पटवारी दो घंटे के सांकेतिक धरने के बाद उठ गए.

 

मजिस्ट्रेट पद की गरिमा के खिलाफ आचरण – कलेक्टर 
कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी के सामने घुटने टेकने वाले एसडीएम राकेश शर्मा को कलेक्टर मनीष सिंह ने कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है. कलेक्टर ने कहा है कि विधायकों के सामने जिस स्वरूप में एसडीएम ने जाकर चर्चा की, वह एक कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की पदीय गरिमा, प्रशासनिक अनुशासन और आचरण के अनुरूप नहीं है. उनके इस कृत्य से प्रशासन की छवि धूमिल हुई है. कलेक्टर ने नोटिस में कहा कि क्यों न एक मजिस्ट्रेट की मर्यादा के विरुद्ध किए गए इस कृत्य के चलते उन पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए. कलेक्टर मनीष सिंह ने मौक़े पर तैनात संबंधित एसडीएम से उन परिस्थितियों की जानकारी भी तलब किया है, जिस कारण उन्हें घुटनों पर बैठकर जीतू पटवारी से बात करनी पड़ी.

 

बीजेपी ने उठाए सवाल
एसडीएम के घुटने के बल बैठने को लेकर बीजेपी ने प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए. बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता उमेश शर्मा ने कहा कि कांग्रेस विधायक राजनैतिक रोटियां सेंकने के लिए धरने पर बैठे थे. उमेश शर्मा ने कहा कि एसडीएम की कांग्रेस विधायक गण के प्रति इतनी ही श्रद्धा है. उन्‍होंने कहा कि एक डिवीजनल मजिस्ट्रेट किसी जनप्रतिनिधि के आगे हाथ जोड़कर बैठे ये प्रशासनिक प्रोटोकाल के भी खिलाफ है. उन्‍होंने सीएम से शिकायत कर एसडीएम को हटाने की मांग की है.

 

ये है पूरा मामला
शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का जन्मदिन था. इस अवसर पर पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता ने अपनी नेतागिरी चमकाने के लिए दो हजार से ज्यादा परिवारों को राशन बांटने के लिए इकट्ठा किया था. राशन बांटने के दौरान भीड़ बेकाबू हो गई. इस दौरान, लोगों ने न सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया, अधिकतर लोगों चेहरे पर मास्क भी नजर नहीं आए. इस मामले में पुलिस ने 188 के तहत इंदौर के मल्हारगंज थाने में केस दर्ज कर लिया है. लेकिन, बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष सुदर्शन गुप्ता का नाम एफआईआर में नहीं लिखा. कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला ने धरने पर बैठने की धमकी देने के बाद सुबह सुदर्शन गुप्ता का नाम एफआईआर जोड़ दिया गया. हालांकि, महामारी एक्ट के तहत भीड़ जुटाने और संक्रमण फैलाने की धाराएं नहीं लगाईं गई. जिससे नाराज कांग्रेस की तीन विधायक और शहर अध्यक्ष धरने पर बैठ गए.
 

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