कानपुर को स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने दी बड़ी सौगात, लोगों को मिलेगा लाभ

कानपुर. कानपुर (Kanpur) और आसपास के कैंसर (Cancer) रोगियों को इलाज के लिए अब मुंबई (Mumbai) की दौड़ नही लगानी पड़ेगी. टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल जैसा इलाज यहीं मिलेगा. इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने जेके कैंसर संस्थान के कायाकल्प अपग्रेडेशन के 100 करोड़ के प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने हाल ही में दिल्ली मे मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ आरती लालचंदानी और टाटा हॉस्पिटल के निदेशक डॉ के एस शर्मा के साथ जेके कैंसर संस्थान को अपग्रेड करने पर मंत्रणा की. इस दौरान 125 करोड़ का प्रोजेक्ट रखा गया है. हर्षवर्धन ने 100 करोड़ के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है. यह धनराशि या तो केंद्र सरकार देगी या फिर टाटा हॉस्पिटल निवेश करेगा.
10 सीटों के लिए पढ़ाई का रास्ता भी खुलेगा
जेके कैंसर संस्थान का अपग्रेडेशन भी टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल के निदेशक की अगुवाई में ही होगा. मंत्रणा के बाद निदेशक ने जेके कैंसर के निदेशक से विभागवार ब्योरा मांगा है. जल्द ही उनकी टीम संस्थान का दौरा कर प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने का काम करेगी. इस प्रोजेक्ट से संस्थान में एमडी, एमएस और सुपर स्पेशियलिटी की 10 सीटों के लिए पढ़ाई का भी रास्ता खुल जाएगा.
प्री कैंसर की जांच भी हो सकेगी
अस्पताल के अपग्रेडेशन के साथ ही कई नई मशीने लगाई जाएंगी. रेडियोथेरपी के लिए एक और लीनियर एक्सीलेटर मशीन आएगी. फिलहाल यहां रोज 250 मरीजों की रोटेशन में रेडियोथेरपी होती है. नई मशीन लगने से 50 और मरीजों को यह सुविधा मिलने लगेगी. साथ ही सबसे बड़ा फायदा मिहालओं को होगा. ब्रेस्ट कैंसर की पहचान के लिए मेमोग्राफी मशीन लगने से प्री कैंसर की जांच भी हो सकेगी.
पैरामेडिकल स्टॉफ की नियुक्ति का प्रस्ताव भी मांगा गया है
जेके कैंसर संस्थान के निदेशक डॉ एमपी मिश्रा ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य और टाटा हॉस्पिटल के निदेशक से मंत्रणा कर सहमति दे दी है. टाटा निदेशक की ओर से निरीक्षण के बाद डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टॉफ की नियुक्ति का प्रस्ताव भी मांगा गया है. जीएसवीएम के संस्थान बनने से प्रोजेक्ट को लागू करना और आसान हो जाएगा.
