काबुल मिलिट्री एकेडमी पर हमला तालिबान ने किया, हथियार पाकिस्तान आर्मी ने दिए: अफगान डिप्लोमैट

काबुल/नई दिल्ली. सोमवार को काबुल मिलिट्री एकेडमी पर आतंकी हमला हुआ। इसमें अफगानिस्तान के पांच सैनिक मारे गए। हमले के बाद अफगानिस्तान के एक डिप्लोमैट माजिद करार ने बड़ा खुलासा किया। करार ने कहा- यह हमला तालिबान ने किया है। हमले में जिन हथियारों का इस्तेमाल किया गया वो सभी पाकिस्तान की आर्मी ने मुहैया कराए। माजिद के बयान के बाद एक बार फिर अफगानिस्तान और अमेरिका के उस आरोप की पुष्टि हो गई जिसमें कहा जाता रहा है कि पाकिस्तान की आर्मी तालिबान और दूसरे आतंकी संगठनों को हथियार देती है। करार ने कहा कि पाकिस्तान आर्मी लश्कर-ए-तैयबा को भी हथियार देती है।
जांच के बाद मिले सबूत
– मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक- काबुल मिलिट्री एकेडमी पर हमले के बाद तीन आतंकियों को मार गिराया गया। पांच सैनिक भी मारे गए। आतंकियों के पास से जितने हथियार मिले वो सभी पाकिस्तान आर्मी इस्तेमाल करती है और उन पर मार्क भी वहीं के पाए गए।
– माजिद करार ने एक ट्वीट में पाकिस्तान की कलई खोल दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आर्मी ये हथियार लश्कर-ए-तैयबा और तालिबान को देती है। बाद में इनका इस्तेमाल कश्मीर और अफगानिस्तान में किया जाता है।
नाइट विजन गॉगल्स भी मिले
– माजिद ने कहा- हमारी मिलिट्री एकेडमी पर हमला करने वाले आतंकियों के पास जो नाइट विजन गॉगल्स मिले हैं। वो पूरी तरह मिलिट्री ग्रेड नाइट विजन गॉगल्स हैं। इन्हें बाजार से नहीं खरीदा जा सकता। इन्हें पाकिस्तान की आर्मी ने एक ब्रिटिश कंपनी से खरीदा। बाद में ये गॉगल्स कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा और अफगानिस्तान में तालिबान को दिए गए। दोनों ही इंटरनेशनल टेरेरिस्ट ऑर्गनाइजेशन हैं।
कार ब्लास्ट में मारे गए थे 100 लोग
– शुक्रवार दोपहर काबुल में हुए एक कार ब्लास्ट में 100 लोगों की मौत हो गई थी और 163 जख्मी हो गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी तालिबान ने ली थी। इससे पहले 20 जनवरी को यहां एक होटल में तालिबान आतंकियों ने हमला किया था। उस वक्त 22 लोग मारे गए थे।
– हमलावर विस्फोटकों से भरी एक एंबुलेंस में बैठकर आए और पुलिस चेकपॉइन्ट को पार करते हुए एक गली में घुस गए। ब्लास्ट के वक्त उस जगह पर कई लोग मौजूद थे। अधिकारियों के मुताबिक, हमला राजधानी काबुल में होम मिनिस्ट्री की बिल्डिंग के पास यूरोपियन यूनियन और हाई पीस काउंसिल बिल्डिंग के पास हुआ।
– हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन तालिबान ने ली थी।
