कार्रवाई / इंजीनियर और फैक्टरी मालिक यू-ट्यूब से सीख बनाते थे असलहा, रात में फायर कर टेस्ट करते थे

बटाला. कंप्यूटर इंजीनियर और फैक्टरी मालिक यू-ट्यूब से सीखकर हथियार बनाते थे। दाेनाें ने अपनी दुकान अाैर फैक्टरी काे हथियार बनाने का कारखाना बना डाला था। दाेनाें दाेस्त हैं अाैर एक साल से हथियार बना रहे थे। ये दिन में हथियार बनाने के बाद रात मेें सूनसान जगह ले जाकर हथियाराें काे टेस्ट करते थे कि सही बने हैं कि नहीं। पुलिस ने दाेनाें युवकाें काे अरेस्ट किया है। उनके पास से पुलिस ने दोनों आरोपियों से 5 पिस्टल, एक एयरगन, कारतूस, खोल और हथियार बनाने के औजारों को बरामद किया है। पुलिस को एक मामले में भी पकड़े आरोपियों के शामिल हाेने की आशंका है। 

अब पुलिस पूछेगी-किसे सप्लाई करते थे हथियार :

आरोपिया में इंजीनियर राजन शर्मा की समाध रोड शीतला मंदिर के पास लैपटॉप रिपेयर करने की दुकान है। जबकि, प्रितपाल सिंह (निवासी बीको कांप्लेक्स) हार्डवेयर पार्ट्स बनाने का माहिर है। उसकी फैजपुरा में हार्डवेयर पार्ट्स बनाने की फैक्टरी है। पुलिस आरोपियों से पूछेगी कि किसे हथियार सप्लाई करते थे। 

दुकान, फैक्टरी में बनाते थे हथियार, जखीरा मिला :
बटाला पुलिस लाइन में एसएसपी उपिन्द्रजीत सिंह घुम्मण ने कहा कि पकड़े गए दोनों युवक अपनी दुकान और फैक्टरी की आड़ में अवैध हथियार तैयार करते थे। पुलिस ने छापेमारी के दौरान आरोपियों से 3 पिस्टल .32 बोर, 7 जिंदा कारतूस, 46 खोल, 2 पिस्टल .12 बोर, 30 जिंदा कारतूस, 25 खोल, एक टेलिस्कोप समेत एयरगन, 315 बोर के 4 कारतूस, ड्रिल मशीन, ग्राइंडर मशीन बरामद किए। राजन शर्मा निवासी कपूरी गेट बटाला पर पहले भी एक आपराधिक मामला दर्ज था, लेकिन उसमें वह बरी हो चुका था। 

5 मार्च को शास्त्री नगर के पूर्व एसडीओ रणधीर सिंह की हत्या काे भी पुलिस इसी मामले से जाेड़कर देख रही है। डीएसपी बीके सिंगला ने बताया कि हत्या में एक कड़ी है जो पूर्व एसडीओ की हत्या से जुड़ नहीं रही। क्योंकि उक्त मामले में .32 बोर और .12 बोर की पिस्टलें बरामद हुई हैं, जबकि पूर्व एसडीओ का कत्ल .315 बोर के असलहे से हुआ था। 
 

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