केरल में बाढ़ की तबाही से 173 जिंदगी खत्म, जायजा लेने पहुंचे मोदी

नई दिल्ली, केरल पर आई कुदरत की सबसे बड़ी तबाही में अब तक 324 लोगों की मौत हो चुकी है. शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केरल पहुंचे. इस बीच राज्य में युद्धस्तर पर राहत और बचाव का काम जारी है.
वायुसेना के जवान केरल में कुदरत के कहर से लोगों को बचाने में लगे हुए हैं. सबसे बड़ी तबाही के बीच चल रहे सबसे बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन में बाढ़ के बाद घरों की छतों पर फंसे लोगों को सकुशल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. प्रदेश के एक इलाके में साउदर्न एयर कमांड के जवानों ने एक ऐसे ही ऑपरेशन को अंजाम दिया. यहां बाढ़ में घिरे घर की छत से लोगों को एयरलिफ्ट किया गया.
तबाही ऐसी है कि जल और जमीन का अंतर ही मिट गया है. शहर समंदर में तब्दील हो चुके हैं. सड़कों पर नावें दौड़ रही हैं. अलेप्पी इलाके में आईटीबीपी ने बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और जवानों ने सैलाब में फंसे करीब 500 लोगों को कड़ी मशक्कत के बाद मौत की लहरों के बीच से बाहर निकाला. रस्सी के सहारे लोगों को सही सलामत बेकाबू लहरों के बीच से बाहर निकाला गया.
इस तबाही में अब तक 324 लोगों की मौत हो चुकी है. केरल में मानसूनी बारिश और बाढ़ के कारण शुक्रवार को एक ही दिन में 106 लोगों की मौत के बीच राज्य में ऑक्सीजन की कमी और ईंधन स्टेशनों में ईंधन नहीं होने के कारण संकट और गहरा हो गया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. बीते 8 अगस्त से अब तक केरल में जल प्रलय ने 173 लोगों की जान ले ली है.
अब तक राहत और बचाव के काम में जुटी टीमों ने करीब 82 हजार, 442 लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया है. इनमें 71,000 से ज्यादा लोग बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित एर्नाकुलम जिले के अलुवा क्षेत्र से थे. 223,139 लोग राहत शिविरों में शरण ले चुके हैं. युद्धस्तर पर जारी रेस्क्यू ऑपरेशन में नेवी की 46, एयरफोर्स की 13 और आर्मी की 18 टीमों के साथ 16 कोस्ट गार्ड और 21 एनडीआरएफ की टीमें दिन-रात लोगों को बचाने में जुटी हुई हैं.
तीनों सेनाओं के अलावा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के जवानों ने छतों और ऊंची जगहों पर फंसे लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने का दुरूह काम आज फिर से शुरू किया. पहाड़ी इलाकों में पहाड़ के हिस्से जमीन पर गिरने से सड़क जाम हो रहे हैं, जिससे बाकी जगहों से उनका संपर्क टूट जा रहा है. द्वीप की शक्ल ले चुके कई गांवों में फंसे लोगों को निकालने का अभियान भी जारी है.
नौका से नहीं पहुंचने लायक जगहों में फंसी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित कई लोगों को सेना के हेलीकॉप्टरों से सुरक्षित जगहों पर ले जाया जा रहा है. टीवी चैनलों ने प्रसव पीड़ा से कराह रही एक महिला को नौसेना के हेलीकॉप्टर से फेंकी गई रस्सी की मदद से खींचे जाने का परेशान करने वाला वीडियो प्रसारित किया. इस वीडियो में महिला हवा में झूलती नजर आ रही है. महिला को बाद में नौसेना के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसने एक लड़के को जन्म दिया.
केंद्र के साथ कई पड़ोसी राज्यों ने भी कुदरत की मार झेल रहे केरल को सहायता राशि के जरिए संकट से निबटने में मदद की है. बाढ़ के कारण खूबसूरत राज्य को गहरा धक्का लगा है और पर्यटन उद्योग बहुत प्रभावित हुआ है. हजारों एकड़ खेत में खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं. बुनियादी ढांचे को बड़ा नुकसान पहुंचा है.
