कैलाश मानसरोवर के 1500 श्रद्धालु फंसे, 150 को निकाला, PM मोदी ने जताई चिंता

नई दिल्ली। कैलाश मानसरोवर में फंसे 1500 श्रद्धालुओं में से 150 श्रद्धालुओं को बचा लिया गया है जबकि दो यात्रियों की मौत हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भारतीय श्रद्धालुओं के नेपाल में फंसे होने पर चिंता जताई है और अधिकारियों से उनकी हर संभव मदद करने को कहा। बता दें कि खराब मौसम के कारण नेपाल के पहाड़ी क्षेत्र में 1500 से ज्यादा श्रद्धालु फंस गए हैं। भारत ने उन्हें निकालने के लिए काठमांडो से मदद मांगी है।
भारतीय अधिकारियों ने बताया कि नेपाल के सिमिकोट क्षेत्र से करीब 150 श्रद्धालुओं को निकाला गया जबकि चीन के तिब्बत क्षेत्र में कैलाश मानसरोवर मार्ग पर फंसे अन्य श्रद्धालुओं को भी निकालने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय ने कहा है कि वह विदेश मंत्रालय और अन्य संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं और फंसे हुए भारतीयों को हर संभव सहायता पहुंचाने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
सुषमा स्वराज ने भी किया ट्वीट
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर कहा कि करीब 525 तीर्थयात्री सिमिकोट में , 550 तीर्थयात्री हिलसा में और करीब 500 तीर्थयात्री तिब्बत के पास फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने नेपाल सरकार से वहां फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के लिये सेना का हेलीकॉप्टर देने का आग्रह किया है।
नेपाल में भारतीय दूसवास के एक अधिकारी ने बताया कि स्थानीय हवाई अड्डा अधिकारियों से मिलकर उड़ान संचालकों ने सात व्यावसायिक उड़ानों के जरिए 104 तीर्थयात्रियों को सिमिकोट से नेपालगंज पहुंचाया। नेपालगंज एक बड़ा शहर है और इसमें सभी आधुनिक सुविधाएं हैं। सड़क मार्ग के जरिए तीन घंटे में यहां से लखनऊ पहुंचा जा सकता है।
भारतीय दूतावास ने बताया कि केरल के नारायणम लीला (56) और आंध्र प्रदेश की सत्या लक्ष्मी की मौत हो गई। उनकी मौत क्रमश: सिमिकोट में ऊंचाई से जुड़ी बीमारी और तिब्बत में दिल का दौरा पड़ने से हुई है। बयान में बताया गया है कि उनके शवों को क्रमश: विशेष हेलीकॉप्टर के जरिए काठमांडो और नेपालगंज लाया गया है।
उल्लेखलीय है कि चीन के तिब्बत स्वायत्त इलाके में स्थित कैलाश मानसरोवर हिन्दुओं, बौद्ध और जैन धर्म के लोगों के लिए पवित्र स्थान माना जाता है और हर साल सैकड़ों की संख्या में तीर्थयात्री वहां जाते हैं। सुषमा ने कहा कि भारत ने तीर्थ यात्रियों एवं उनके परिवारों के लिए हॉटलाइन स्थापित की है और उन्हें तमिल , तेलुगु , कन्नड़ और मलयालम भाषा में सूचनाएं प्रदान की जाएंगी।
पीएम मोदी ने जताई चिंता
मानसरोवर यात्रा पर जा रहे भारतीय श्रद्धालुओं के नेपाल में फंसे होने पर पीएम मोदी ने भी चिंता जताई है और अधिकारियों से उनकी हर संभव मदद करने को कहा। यात्री खराब मौसम के कारण फंसे हुए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नेपाल में फंसे यात्रियों को लेकर विदेश मंत्रालय और अन्य शीर्ष अधिकारियों के संपर्क में हैं। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित लोगों की हर संभव मदद करने को कहा है। नेपाल में भारतीय दूतावास वहां काम कर रहा है और तीर्थयात्रियों की मदद कर रहा है।
पीएमओ ने काठमांडो स्थित भारतीय दूतावास के ट्वीट को री-ट्वीट किया है। उसमें कहा गया है कि नेपालगंज से दो व्यावसायिक विमान सिमिकोट में उतरे हैं। फंसे हुए तीर्थ यात्रियों को लेकर वहां से रवाना होंगे। उनकी रवानगी का वक्त मौसम पर निर्भर करेगा।
