कोलकाता और बोधगया ब्लास्ट से जुड़ा एक और संदिग्ध आतंकी पाकुड़ से गिरफ्तार

बोधगया और कोलकाता विस्फोट मामले में कोलकाता पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स ने झारखंड के पाकुड़ से जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के एक और संदिग्ध आतंकवादी को गिरफ्तार किया है।‌ उसका नाम दिलबर हसन उर्फ अली हसन उर्फ उमर (26) है। वह मूल रूप से मालदा जिले के कालियाचक थाना क्षेत्र के सुल्तानगंज का रहने वाला है। उसकी गिरफ्तारी बुधवार दोपहर 12.45 बजे के करीब हुई। एसटीएफ ने उसे पाकुड़ जिले के पाकुड़िया थाना अंतर्गत सिदो-कान्हू पार्क मोड़ से गिरफ्तार किया। कोलकाता एनआईए ने भी इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है।


कोलकाता एसटीएफ के अनुसार इस मामले में पहले से गिरफ्तार छह आतंकियों से पूछताछ के बाद उसके बारे में खुलासा हुआ था। लंबे समय से वह पुलिस को चकमा दे रहा था। इस बारे में एसटीएफ के उपायुक्त मुरलीधर शर्मा ने बताया कि उमर जेएमबी का सक्रिय आतंकवादी है। कई बार वह बांग्लादेश के आतंकी संगठनों के कमांडरों से मिल चुका है। बोधगया में विस्फोटक पहुंचाने और आईईडी बनाने में उसकी अहम भूमिका रही है। उन्होंने बताया कि बेंगलुरु से गिरफ्तार किए गए दो आतंकियों से पूछताछ और मुखबिरों की मदद से उसे दबोचा जा सका है। उसे कोलकाता ले जाकर पूछतार हो रही है।


इसी साल 19 जनवरी को बोधगया में बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा आए थे। उसी दौरान आईईडी विस्फोट हुआ था। इस मामले में कोलकाता पुलिस का स्पेशल टास्क फोर्स पहले ही छह आतंकियों को गिरफ्तार कर चुका है। इनसे पूछताछ कर एनआईए ने बेंगलुरु और केरल से सोमवार और मंगलवार के बीच चार अन्य आतंकियों को गिरफ्तार किया। उमर की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में गिरफ्तार किए गए आतंकियों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है।


क्या हुआ बरामद

एसटीएफ ने आतंकी के पास से एक मोबाइल फोन, एक वोटर आईकार्ड, एक आधार कार्ड और फोन खरीद का बिल बरामद किया है। प्रथमदृष्टया वोटर आईकार्ड फर्जी लग रहा है।


पाकुड़िया थानेदार नंदकुमार सिंह ने बताया कि पश्चिम बंगाल से एसटीएफ की टीम बुधवार को आई थी। टीम एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार कर ले गई है। एसटीएफ ने थाने में एंट्री की है मगर यह नहीं बताया कि किसे गिरफ्तार किया है।


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