क्या होगा जब बाहुबली अनंत सिंह और ASP लिपि सिंह का होगा आमना-सामना?

पुलिस महकमे में इस बात की भी चर्चा है कि क्या लिपि सिंह खुद बाहुबली विधायक को हथकड़ी पहनाएंगी या फिर उनके आदेश से अनंत सिंह के हाथों में बंधेगी रस्सी?
शुक्रवार को दिल्ली के साकेत कोर्ट (Saket Court) में सरेंडर कर चुके बिहार के बाहुबली विधायक अनंत सिंह (Anant Singh) को बिहार लाए जाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. ट्रांजिट रिमांड (Transit Remand) की प्रक्रिया पूरी करने के लिए बाढ़ की एएसपी लिपि सिंह (ASP Lipi Singh) और एएसपी अशोक मिश्र (ASP Ashok Mishra) दिल्ली में मौजूद हैं. बताया जा रहा है कि रिमांड पर लेने के बाद बाहुबली विधायक को आज किसी भी वक्त बाढ़ लाया जा सकता है. पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उन्हें आज ही कोर्ट में पेश किया जा सकता है. इन सब प्रक्रिया के बीच बाढ़ में अनंत सिंह के समर्थकों और आम लोगों के बीच इस बात की चर्चा है कि वो मंजर कैसा होगा अनंत सिंह और एएसपी लिपि सिंह का आमना-सामना होगा?
वहीं, पुलिस महकमे में इस बात की भी चर्चा है कि क्या लिपि सिंह खुद बाहुबली विधायक को हथकड़ी पहनाएंगी या फिर उनके आदेश से अनंत सिंह के हाथों में बंधेगी रस्सी?
दरअसल 2016 बैच की आईपीएस अधिकारी लिपि सिंह ने पिछले कुछ दिनों में 'छोटे सरकार' के नाम से मशहूर अनंत सिंह के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की है जिससे उनका साम्राज्य हिलाकर रख दिया है.
कभी सीएम नीतीश कुमार को चांदी के सिक्कों से तौलने वाले बाहुबली अनंत सिंह आज पनाह मांगते दिख रहे हैं तो उसके पीछे इस महिला आईपीएस अधिकारी का हाथ है. गौरतलब है कि अनंत सिंह ने बार-बार यही आरोप लगाया है कि सरकार के इशारे पर लिपि सिंह ने उनके खिलाफ साजिश रची है.
हालांकि तथ्य ये भी है कि लिपि सिंह जब वर्ष 2018 के अक्टूबर में बाढ़ की एडिशनल एसपी बनीं तो उन्होंने अपराध के खिलाफ सख्ती की. अवैध बालू खनन से लेकर तमाम तरह के गैर कानूनी कार्यों पर उन्होंने कार्रवाई की. जाहिर है इस जद में कई दबंगों के साथ बाहुबली अनंत सिंह के गुर्गे भी आते गए और उनपर कार्रवाई होने लगी.
माना जा रहा है कि अनंत सिंह की दबंगई को एक महिला अधिकारी की चुनौती मिली तो वह सहज नहीं रह सके. इसके बाद जब लोकसभा चुनाव नजदीक आया तो अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी ने बाढ़ की एएसपी लिपि सिंह पर आरोप लगाया था कि वे जदयू के इशारे पर उनके समर्थकों को परेशान कर रही हैं. सांसद ललन सिंह के पक्ष में लिपि सिंह पर पक्षपात की आशंका जतायी गयी थी.
अनंत सिंह के पक्ष की तरफ से चुनाव आयोग में इसकी लिखित शिकायत भी की गयी थी. जिसके बाद आयोग ने लिपि सिंह को इलेक्शन ड्यूटी से हटा दिया था. माना जाता है कि इस प्रकरण से लिपि सिंह भी बहुत नाराज हुईं थीं.
हालांकि जैसे ही चुनाव आचार संहिता खत्म हुआ बिहार सरकार ने एक बार फिर लिपि सिंह को बाढ़ का एएसपी बना दिया. इसके बाद यह आरोप लगने लगा कि सरकार ने अनंत सिंह को टारगेट करने के लिए ही फिर लिपि सिंह को बाढ़ में तैनात किया है.
बता दें कि अनंत सिंह का पैतृक घर बाढ़ के नदावां गांव में ही है और हाल में ही उनके घर से एके 47 रायफल के साथ ग्रेनेड और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किया गया है. इस मामले में अनंत सिंह पर यूएपीए और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है.
