क्‍या राजस्‍थान को सच में कम म‍िल रही है ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन? ये आंकड़े बयां कर रहे हैं सच्‍चाई

जयपुर. राजस्‍थान में ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी को लेकर सियासत जोरों पर है. राज्य सरकार केन्द्र पर भेदभाव के आरोप लगा रही है और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खुद इसे लेकर केन्द्र सरकार पर हमलावर हैं. इस बीच राज्य सरकार ने आंकड़े जारी कर केन्द्र सरकार द्वारा किए जा रहे भेदभाव का सबूत भी दिया है. आंकड़ों के जरिए राज्य सरकार ने साफ किया है कि कैसे केन्द्र सरकार ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन के आवंटन में राज्य के साथ भेदभाव कर रही है. राज्य सरकार ने जो आंकड़े जारी किए हैं उनके मुताबिक राज्यों के बीच आवंटन का लेखा-जोखा देखिए.

किस राज्य को कितनी ऑक्सीजन?

– राजस्थान को 205 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिली

– गुजरात को 975 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिली जो राजस्थान से 544.15 प्रतिशत ज्यादा है

– तेलंगाना को 360 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिली जो राजस्थान से 363.59 प्रतिशत ज्यादा

– आंध्र प्रदेश को 440 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिली, यानि राजस्थान से 343.12 प्रतिशत ज्यादा

– मध्य प्रदेश को 543 प्रतिशत ऑक्सीजन मिली जो राजस्थान से 309.90 प्रतिशत ज्यादा

– दिल्ली को 480 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिली जो राजस्थान से 264.01 प्रतिशत ज्यादा

– चंडीगढ को 20 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिली जो राजस्थान से 227.64 प्रतिशत ज्यादा

– उत्तराखण्ड को 103 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिली जो राजस्थान से 194.27 प्रतिशत ज्यादा

– पंजाब को 136 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिली जो राजस्थान से 164.29 प्रतिशत ज्यादा

– उत्तर प्रदेश को 753 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आवंटित जो राजस्थान से 145.93 प्रतिशत ज्यादा

– हरियाणा को 162 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिली जो राजस्थान से 137.24 प्रतिशत ज्यादा

– तमिलनाडू को 220 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिली जो राजस्थान से 122.44 प्रतिशत ज्यादा

– महाराष्ट्र को 1661 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिली जो राजस्थान से 112.09 प्रतिशत ज्यादा

ऐसे समझिए आवंटन का पूरा गणित

– राजस्थान में 96 हजार 366 एक्टिव केस, प्रति एक्टिव केस 1.64 क्यूबिक मीटर ऑक्सीजन आवंटित

– गुजरात में 84 हजार 126 एक्टिव केस, प्रति एक्टिव केस 8.92 क्यूबिक मीटर ऑक्सीजन आवंटित

– तेलंगाना में 46 हजार 488 एक्टिव केस, प्रति एक्टिव केस 5,96 क्यूबिक मीटर ऑक्सीजन आवंटित

– आंध्र प्रदेश में 60 हजार 208 एक्टिव केस, प्रति एक्टिव केस 5.63 क्यूबिक मीटर ऑक्सीजन आवंटित

– मध्य प्रदेश में 82 हजार 268 एक्टिव केस, प्रति एक्टिव केस 5.08 क्यूबिक मीटर ऑक्सीजन आवंटित

– दिल्ली में 85 हजार 364 एक्टिव केस, प्रति एक्टिव केस 4.33 क्यूबिक मीटर ऑक्सीजन आवंटित

– चंडीगढ में 4 हजार 125 एक्टिव केस, प्रति एक्टिव केस 3.73 क्यूबिक मीटर ऑक्सीजन आवंटित

– उत्तराखंड में 24 हजार 893 एक्टिव केस, प्रति एक्टिव केस 3.19 क्यूबिक मीटर ऑक्सीजन आवंटित

– पंजाब में 38 हजार 866 एक्टिव केस, प्रति एक्टिव केस 2.69 क्यूबिक मीटर ऑक्सीजन आवंटित

– उत्तर प्रदेश में 2 लाख 42 हजार 265 एक्टिव केस, प्रति एक्टिव केस 2.39 क्यूबिक मीटर ऑक्सीजन आवंटित

– हरियाणा में 55 हजार 422 एक्टिव केस, प्रति एक्टिव केस 2.25 क्यूबिक मीटर ऑक्सीजन आवंटित

– तमिलनाडू में 84 हजार 361 एक्टिव केस, प्रति एक्टिव केस 2.01 क्यूबिक मीटर ऑक्सीजन आवंटित

– महाराष्ट्र में 6 लाख 95 हजार 747 एक्टिव केस, प्रति एक्टिव केस 1.84 क्यूबिक मीटर ऑक्सीजन आवंटित

रेमडेसिविर में इतना है अंतर

ऑक्सीजन के साथ ही राज्य सरकार ने रेमडेसिविर इंजेक्शन आवंटन के भी आंकड़े जारी किए हैं. मंत्रिपरिषद् की बैठक में भी इन आकंड़ों पर चर्चा हुई. इसके मुताबिक, 21 अप्रेल को तात्कालिक आंवटन में राजस्थान को महज 26 हजार 500 रेमडेसिविर इंजेक्शन दिए गए, जबकि गुजरात और मध्यप्रदेश को राजस्थान से कम एक्टिव केस होने के बावजूद राजस्थान से ज्यादा इंजेक्शन दिए गए. गुजरात को 1 लाख 63 हजार और मध्यप्रदेश को 92 हजार 200 रेमडेसिविर इंजेक्शन दिए गए. आवंटन और एक्टिव केस का प्रतिशत निकाला जाए तो राजस्थान को महज 27.50 प्रतिशत इंजेक्शन आवंटित किए गए जबकि गुजरात को 194 प्रतिशत और मध्यप्रदेश को 112 प्रतिशत आवंटन किया गया है.
 

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