गुजरात में Pepsico बनाम किसान: आलू किसानों के समर्थन में आई सरकार

अमेरिकी कंपनी पेप्सिको की ओर से किसानों के खिलाफ मामला दर्ज कराए जाने के बाद गुजरात सरकार ने कहा है वह किसानों के समर्थन में है. दरअसल, पेप्सिको के अनुसार पौध विविधता एवं किसान अधिकार संरक्षण अधिनियम, 2001 के तहत आलू की किस्मों पर पौध विविधता संरक्षण अधिकार मिला हुआ है और किसान बीज की किस्मों पर उसके अधिकारों का उल्लंघन कर आलू की खेती कर रहे थे.

इसी के तहत पेप्सिको ने किसानों पर 4.2 करोड़ रुपये का मामला दर्ज किया है. पेप्सिको का आरोप है कि किसान उसकी ओर से रजिस्टर्ज आलू के एक किस्म की अवैध खेती कर रहे हैं, जिसके चलते उसके मुकदमा दर्ज किया है.  कंपनी इस किस्म के आलू से अपने चिप्स के ब्रांड लेज का निर्माण करती है.

अंग्रेजी अखबार द हिन्दू की एक रिपोर्ट के अनुसार सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि किसानों की ओर से कानूनी मामले में दखल देगी. सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि किसानों की मदद के लिए हम इस मामले में शामिल होंगे.

इससे पहले कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा था कि, 'सरकार अपनी आंखें बंद नहीं कर सकती.' गुजरात सरकार के अधिकारी ने कहा कि किसानों के हित का बचाव करने के लिए उच्च स्तर से यह फैसला लिया गया है. गुजरात में 1.21 लाख हेक्टेयर में 33 लाख टन आलू का उत्पादन किया जाता है.
रईसी का जीवन जीने का सोचते हैं? ओलिम्प ट्रेड से कमाना शुरू करें

बता दें अहमदाबाद में वाणिज्यिक अदालत ने छबीलभाई पटेल, विनोद पटेल और हरिभाई पटेल को निर्देश दिया था कि वे मामले की अगली सुनवाई तक यानी 26 अप्रैल तक आलू को उगाना और बेचना बंद कर दें.  अदालत ने कंपनी से उसके अधिकारों के उल्लंघन के दावे पर तीनों तीनों किसानों से प्रतिक्रिया भी मांगी गई थी.

26 अप्रैल को हुई सुनवाई में पेप्सिको ने किसानों को इस मामले में समझौते का प्रस्ताव दिया है. पेप्सिको की भारत इकाई का दावा है कि ‘ साल 2016 में उसने आलू की किस्म पर देश में विशेष अधिकार पाया था.' इस मामले में सक्रिय किसान समूह ने मांग की है कि केंद्र सरकार किसानों के कानूनी खर्चों का वहन करे.

24 अप्रैल को खबर आई थी कि पेप्सिको ने प्रदेश के नौ किसानों पर मामला दर्ज करवा दिया है. कंपनी ने हर किसान से एक करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा है. यह सभी नौ किसान साबरकांठा और अरवल्ली जिले के हैं और सभी के पास तीन से चार एकड़ भूमि है.

Leave a Reply