चीन में मोदी के सामने छिड़ी धुन- ‘तू है वही, दिल ने जिसे अपना कहा’

वुहान। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा का शनिवार को दूसरा दिन है। पीएम मोदी की इस यात्रा पर चीन का अलग ही अंदाज देखने को मिल रहा है। शुक्रवार रात दोनों नेताओं के सामने चीनी कलाकारों ने बॉलीवुड फिल्म 'ये वादा रहा' के गाने 'तू तू है वही, दिल ने जिसे अपना कहा…ये वादा रहा' की धुन प्रस्तुत की। (नीचे वीडियो देखें)


दोनों नेताओं ने यह धुन सुनी और ताली बाजकर कलाकारों की सराहना की। 'ये वादा रहा' फिल्म 1982 में बनी थी। फिल्म में शम्मी कपूर, राखी गुलज़ार, ऋषि कपूर, पूनम ढिल्लों, टीना मुनीम मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म का गाना 'तू तू है वही, दिल ने जिसे अपना कहा…ये वादा रहा' आज भी संगीतप्रेमियों की पसंद बना हुआ है। इसे किशोर कुमार और आशा भौंसले ने गाया था।


इससे पहले शुक्रवार को पीएम मोदी और जिनपिंग के बीच कई मुलाकातें हुईं जिनमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने 2019 में इसी तरह की अनौपचारिक मुलाकात भारत में करने की इच्छा जताई। शुक्रवार शाम दोनों नेताओं के बीच बैठक हुई इसमें दोनों देशों की ओर से छह-छह शीर्ष अधिकारी भी मौजूद थे।


बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि "न्यू इंडिया" और चीन के "न्यू एरा" की कोशिश दुनिया के हित में है क्योंकि दुनिया की 40 फीसद आबादी इन्हीं दो देशों में रहती है। भारत और चीन पिछले 2000 साल में से 1600 साल से वैश्विक आर्थिक विकास में दो इंजन की तरह काम कर रहे हैं।भारत-चीन मिलकर दुनिया को कई समस्याओं से निजात दिला सकते हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए "स्ट्रैन्थ" को नए सिरे से परिभाषित किया। इसके मुताबिक, एस- स्प्रीच्यूआलिटी; टी- ट्रेडिशन, ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी; आर- रिलेशनशिप; ई- एंटरटेनमेंट; एन- नेचर कंजरवेशन; जी- गेम्स; टी- टूरिज्म और एच- हेल्थ एंड हीलिंग।

पीएम ने आगे कहा कि भारत के लोग इस बात पर गर्व करते हैं कि मैं पहला प्रधानमंत्री हूं जिसके स्वागत के लिए चीनी राष्ट्रपति दो बार अपनी राजधानी से बाहर आए। मुझे उम्मीद है कि इस तरह की अगली अनौपचारिक बैठक 2019 में भारत में होगी।


इससे पहले पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति की हुबई प्रंतीय संग्रहालय में मुलाकात हुई। गर्मजोशी से मिले दोनों नेताओं के हैंडशेक के बाद पीएम मोदी का यहां पारंपरिक नृत्य और संगीत के साथ स्वागत किया गया। इसके बाद दोनों ने आपस में बात की।


इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत और चीन दोनों देशों की संस्कृति नदियों के किनारे ही विकसित हुई। अगर भारत में हम हड़प्पा और मोहनजोदाड़ो की बात करें तो यह दोनों सभ्यताएं नदी कि किनारों पर ही विकसित हुई हैं।


वहीं उन्होंने थ्री जॉर्ड डैम की तारीफ करते हुए कहा कि जब में गुजरात का मुख्यमंत्री था तब मुझे वुहान आने का मौका मिला था। मैंने थ्री जॉर्ज डैम के बारे में काफी कुछ सुना था कि किस तरह आपने उसे बनाया। इसने मुझे काफी प्रभावित किया और मैं यहां एक दिन के स्टडी टूर पर आया था।


चीन की सरकार पहले ही कह चुकी है कि मोदी का उनकी उम्मीद से भी बेहतर तरीके से स्वागत किया जाएगा। वैसे, अहमदाबाद में जिनपिंग की आगवानी का भारत-चीन के रिश्तों पर कोई बहुत सकारात्मक असर नहीं पड़ा था। असलियत में उसके बाद रिश्तों में काफी उतार देखा गया। लेकिन इस बार दोनों पक्ष उम्मीद लगा रहे हैं कि हाल के महीनों में हर मुद्दों पर जो तनातनी का माहौल बना था उसे अब दूर किया जा सकेगा।


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