जून के बाद शादी के लिए करना होगा लंबा इंतजार, 5 महीने बाद ये हैं शुभ मुर्हूत

रायपुर. कोरोना संकट (Corona Crisis) का असर शुभ कार्यों पर भी पड़ा है. पिछले तीन महीनों में कई मांगलिक कार्य सादगी पूर्ण तरीके से पूरे किए गए है तो कई शादियों (Marriage) व दूसरे शुभ कार्य स्थगित कर दिए गए. इस बीच बेहद जरूरी शादियां सरकार की तय गाइडलाइन के अनुसार की गईं. जून माह के बाद शुभ मुर्हूत में शादियों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा. जानकारों के मुताबिक जून के 5 महीने बाद ही शादियों के लिए शुभ मुर्हूत है. जून में भी मांगलिक कार्य के लिए 4 शुभ मुर्हूत ही बचे हैं.

जानकारों के मुताबिक एक जुलाई देवशयनी का काल शुरू हो जाएगा. मान्यता है कि इस दौरान देवी—देवता विश्राम करते हैं. इसके साथ ही चातुर्मास भी शुरू हो रहा है. बताया जा रहा है कि इस बार आश्विनमास दो बार पड़ रहा है. इसलिए चातुर्मास करीब पांच महीने का होगा. मान्यता के अनुसार ये समय शादियों के लिए शुभ नहीं माना जाता है. ऐसे में जून के बाद इस साल नवंबर के अंतिम सप्ताह में देवउठनी एकादशी के साथ ही शादियों का शुभ मुर्हूत शुरू होगा.

जून में बचे ये मुर्हूत
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जून महीने में अब शादियों के लिए चार शुभ मुर्हूत बचे हैं. इस महीने 25, 27, 29 और 30 जून को ये मुर्हूत हैं. इसके अलावा इस साल 6 और मुर्हूत बताए जा रहे हैं. देवउठनी के बाद नवंबर में शादी के लिए 1 और दिसंबर में 5 शुभ मुर्हूत हैं. कोरोना संकट के बीच जून में शादियों की अनुमति के लिए भी आॅनलाइन आवेदन प्रशासन को किए जा रहे हैं. कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए सरकार ने शादियों को लेकर दिशा निर्देश जारी किए हैं. इसका पालन नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है. फिलहाल शादियों में अधिकतम 50 लोगों के शामिल होने की अनुमति है.

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