जेडीए द्वारा 759 लाख रूपये से तीन योजनाओं में करवाये जा रहे विकास

जयपुर । माननीय स्वायत्त शासन, नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री शांति धारीवाल संकल्पना को साकार करते हुए जयपुर विकास प्राधिकरण के विभिन्न जोनों में विकास कार्य करवाये जा रहे है। जयपुर विकास आयुक्त गौरव गोयल ने बताया कि जेडीए द्वारा प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृतियां जारी कर तीन योजनाओं में विकास कार्य हेतु कार्यादेश जारी कर दिए गए है। जविप्रा की घुमन्तु/अर्धघुमन्तु प्रकृति के रहवासियों के पुर्नवास हेतु ग्राम सरनाचौड़ में आवासीय योजना सृजित की गई है। यह योजना कालवाड़ रोड़ से रोजदा जाने वाली सड़क पर स्थित है। यह योजना लगभग 78 बीघा में है। योजना में लगभग 1272 आवासीय भूखण्ड, 88 खुदरा दुकानें तथा 37 व्यवसायिक भुखण्ड सृजित किये गये है।
योजना की सड़को, पार्क, सुविधा क्षेत्र एवं आरक्षित भूमि मे (लो-हाईट) चार दिवारी का निर्माण कार्य तथा पानी की निकासी के लिये ड्रेनेज निर्माण कार्य का प्रावधान किया गया है। इन जिसके विकास कार्यों के लिए राशि 335 लाख रूपये का व्यय किया जायेगा। विकास कार्य जुलाई, 2022 तक पूर्ण किया जाना प्रस्तावित है। योजना को कालवाड़ रोड़ की मुख्य रोड से जोडऩे वाली सम्पर्क सड़क (कालवाड़ रोड में ग्राम रोजदा तक) के नवीनीकरण एवं क्रोस ड्रेनेज कार्य के लिए राशि 282 लाख रूपये व्यय किये जायेंगे। विकास कार्य जुलाई 2022 तक पूर्ण किया जाना प्रस्तावित है। जेडीए द्वारा चौंमू रेल्वे स्टेशन से फतेहपुरा (जाहोता) वाया बिहारीपुरा रोड़ का नवीनीकरण का कार्य किया जा रहा है। इस सड़क का नवीनीकरण 8 वर्ष पूर्व किया गया था, जो कि वर्तमान में क्षतिग्रस्त हो गई है।यह सड़क चौमूं कस्बे फतेहपुरा जाहोता से जोडऩे वाली मुख्य लिंक सड़क है। जिस पर भारी यातायात रहता है। इस सड़क के नवीनीकरण कार्य के लिए राशि 128 लाख रूपये व्यय किये जायेंगे। विकास कार्य जुलाई, 2022 तक पूर्ण किया जाना प्रस्तावित है। जेडीए द्वारा बालाजी धाम, बालाजी धाम-प्रथम एवं बालाजी धाम-द्वितीय वाया श्यामनगरी योजना तक अप्रोच सड़क का निर्माण कार्य किया जा रहा है।बालाजी धाम-प्रथम एवं बालाजी धाम-द्वितीय योजनाएं निजी खातेदारी की योजनाएं है, जो वर्ष 2013 में टाउनशिप पॉलिसी 2010 के तहत् जविप्रा द्वारा अनुमोदित की गई है। इसी प्रकार श्री बालाजी धाम योजना भी निजी खातेदारी की योजना है जो वर्ष 2009 में टाउनशिप पॉलिसी 2002 के तहत् जविप्रा द्वारा अनुमोदित की गई है।
