जोकापाथ गांव में आजादी के बाद पहली बार बिजली, पीएम ने जताई खुशी

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के एक गांव में आजादी के बाद पहली बार लोगों को बिजली नसीब हुई है। इस मौके पर इस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।


क्षेत्र के जोकापाथ गांव में अभी तक बिजली नहीं थी। इस वजह से बच्चों को पढ़ाई के लिए अन्‍य साधनों का सहारा लेना पड़ता था। बताया जाता है कि जंगल और पहाड़ी के बीच यह गांव है। ग्रामीणों को बिजली से जुड़े अन्‍य कामों के लिए भी दिक्कत उठानी पड़ती थी।


वहीं जनपद पंचायत के मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी एमएस मरकम के अनुसार यह गांव पहाड़ों और जंगल से घिरा है। करीब 70 साल बाद गांव के लोगों बिजली मिली है। गांव के सरपंच का कहना है कि बिजली आने के बाद गांव के बच्चों को पढ़ाई में सुविधा होगी।


पीएम ने किया टि्वट


रायपुर। छत्तीसगढ़ के सुदूर आदिवासी इलाके जोकापाथ में बिजली पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टि्वट कर खुशी जाहिर की है। मोदी ने अपने टि्वट में लिखा है कि ऐसी खबर मुझे बेहद खुशी देती है और भावुक करती है। यह देखना बेहद सुखद है कि इतने लोगों के जीवन में रोशनी आ गई। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के जोकापाथ में बिजली नहीं थी। जंगलों और पहाढ़ों से घिरे इस गांव में 12 दिसंबर को बिजली तिहार के दौरान पहली बार बिजली पहुंची।


दरअसल, प्रधानमंत्री ने सौभाग्य योजना शुरू करके देश के हर गांव में 2018 तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य तय किया था। इसके कारण ही गांव की किस्मत बदल दी है। 70 सालों में अंधेरों में गुम रहा ये गांव अब रोशन हो गया है। गांव के लोग खुश है, क्योंकि वो अब बिजली के उजाले में पढ़ाई करते हैं, महिलाएं खुश हैं, क्योंकि अब उनके घर टीवी आ रहा है। जंगल और पहाड़ी के बीच होने के कारण गांववालों को दूसरे कामों के लिए भी दिक्कत उठानी पड़ती थी।


उच्च प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो दस साल पहले इस गांव ने नक्सलवाद का दंश झेला था, लेकिन हालात तेजी से बदलते गए। लोक सुराज अभियान के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह भी इस गांव में पहुंचे थे। स्थानीय ग्रामीणों ने उन्हें अपनी समस्याओं की फेहरिस्त गिनाई थी। रमन सरकार के प्रयासों का असर रहा और आज पूरे गांव की तकदीर और तस्वीर बदल गई है।


Leave a Reply