‘टू प्लस टू’ वार्ता से पहले रूस-ईरान को लेकर अमेरिकी रक्षा मंत्री का बड़ा बयान

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने कहा है कि भारत रूस से मिसाइल डिफेंस सिस्टम और ईरान से तेल खरीद रहा है। ये टू प्लस टू वार्ता का हिस्सा होगा, लेकिन बातचीत पर प्राथमिक फोकस नहीं है। यह बात पॉम्पियो ने उन रिपोर्ट्स से सवालों के जवाब में मंगलवार को कही जो उनके साथ पहले पाकिस्तान और फिर भारत के दौर पर रहेंगे। बता दें कि अमेरिका के ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों को दरकिनार करते हुए भारत ने रिफायनर्स को वहां से तेल आयात करने की मंजूरी दी है। वहीं रूस से भी भारत मिसाइल खरीद रहा है।
भारत-अमेरिका के बीच बृहस्पतिवार को होने वाली बेहद अहम ‘टू प्लस टू’ वार्ता के लिए अमेरिका के रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस और विदेश मंत्री माइक पोम्पियो बुधवार को भारत पहुंचेंगे। इस वार्ता में मुख्य मुद्दा ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान होगा।
दरअसल इस ‘टू प्लस टू’ वार्ता से पहले पाकिस्तान को दी जाने वाली 30 करोड़ डॉलर की सैन्य मदद को रोक कर अमेरिका ने सकारात्मक संकेत दिया है। इस बातचीत के दौरान भारत खासतौर पर सीमा पार आतंकवाद के सवाल पर पाकिस्तान की नई सरकार पर और दबाव बढ़ाने की कोशिश करेगा। इसके अलावा अफगानिस्तान की आतंकी गतिविधियों में पाकिस्तान की परोक्ष भूमिका कई बार सामने आई है। ऐसे में भारत ने इन दोनों ही मोर्चे पर पाकिस्तान को घेरने की रणनीति बनाई है।
‘टू प्लस टू’ वार्ता में भारत ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध के कारण बढ़ी परेशानियों के मद्देनजर अपना नजरिया सामने रखेगा। इस प्रतिबंध के बाद ईरान ने तेल आयात घटाने की स्थिति में भारत को सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण चाबहार परियोजना में झटका देने का साफ संकेत दिया है। भारत चाहता है कि ईरान से तेल आयात के मामले में उसे थोड़ी ढील मिले, जिससे चाबहार परियोजना पर इसका कोई नकारात्मक असर न पड़े। दूसरी ओर अमेरिका रूस से भारत के सैन्य सहयोग और रक्षा सौदों पर अपना नजरिया सामने रखेगा।
मंगलवार को भारत ने कहा कि उसे रूस के साथ दिल्ली की डिफेंस डील को लेकर कोई भी फैसला लेने से पहले संबंधों की महत्ता के बारे में सोचना चाहिए। भारत ने कहा कि रूस से S-400 ऐंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल डिफेंस सिस्टम की खरीद को लेकर प्रतिबंध जैसा फैसला लेने से पहले अमेरिका को भारत के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को स्तर को भी समझना होगा।
