डेंजर जोन जहांगीराबाद में रिकॉर्ड 10 हजार सैंपलिंग

  • तमाम प्रयासों के बाद भी इलाके में नहीं टूट पा रही है कोरोना चेन 
     

भोपाल। शहर का जहांगीराबाद इलाका प्रशासन के साथ ही आम आदमी के लिए मुश्किल बनता जा रहा है। वजह है बीते कई दिनों के तमाम प्रयासें के बाद भी इस इलाके में कोरोना की चैन का नहीं टूट पाना। यही वजह है कि इस इलाके में लगभग हर रोज कोरोना के नए मरीज मिल रहे  हैं। राजधानी भोपाल रेड जोन में है। हर रोज शहर में कोरोना संक्रमित  मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। शहर के दो क्षेत्र जहांगीराबाद और मंगलवारा ऐसे हॉटस्पॉट जोन बन चुके हैं जहां से हर रोज बड़ी संख्या में कोरोना के मरीज मिल रहे हैं। बच्चे हैं या फिर जवान या फिर कोई बुजुर्ग ही क्यों ना हों, करोना ने इस एरिया में अपना शिकार हर उम्र के व्यक्ति को बनाया है। हॉटस्पॉट होने के कारण प्रशासन लगातार यहां स्क्रीनिंग कर रहा है लेकिन कोरोना संक्रमण की चेन ब्रेक नहीं हो रही है। यही वजह है कि चेन बढऩे के कारण इन क्षेत्रों से लोग पॉजिटिव मिल रहे हैं। 

जहांगीराबाद में हुई सबसे ज्यादा स्क्रीनिंग
यह पहला मौका है जब एक ही दिन में जहांगीराबाद क्षेत्र में इतने अधिक पॉजिटिव मरीज निकले हैं। इसमें कोहेफिजा थाने के आरक्षक की पत्नी और उनके आठ और नौ साल के दो छोटे बच्चे शामिल हैं। जबकि अन्य सभी लोग जहांगीराबाद के अहीरपुरा, चर्च रोड, बैंक कॉलोनी, बाजार क्षेत्र आदि जगहों के हैं।जहांगीराबाद शहर का ऐसा डेंजर जोन बन गया है, जहां कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या डेढ़ सौ के पार हो चुकी है। कुल संक्रमितों के 18 प्रतिशत मरीज अकेले जहांगीराबाद क्षेत्र से ही हैं। प्रशासन ने जहांगीराबाद क्षेत्र को पहले ही सील कर दिया था बावजूद इसके यहां से रोजाना पॉजिटिव केस मिलते ही जा रहे हैं।इस क्षे्त्र में सबसे ज़्यादा 10 हजार सैंपल्स की जांच की गयी है। 

मंगलवारा में संख्या 100 के पार 
जहांगीराबाद के बाद मंगलवारा क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग कोरोना कि गिरफ्त में आए हैं । पिछले दो दिन में इस इलाके में लगातार 14 और पॉजिटिव मरीज मिले हैं।इससे पहले भी रोजाना पुराने भोपाल के इस इलाके में संक्रमित मरीज मिलते जा रहे थे। इसके बाद प्रशासन की आंखें खुलीं। मृतकों की सूची में दोलोग  मंगलवारा के ही थे। मृतकों के जीते जी उनके परिवार के लोग बड़ी संख्या में उनके संपर्क में आए थे। क्योंकि  रिपोर्ट बाद में आई और उनकी मौत पहले हो गई थी। इस वजह से संक्रमण का दायरा बढ़ता चला गया। 

उम्मीद की नई किरण प्लाज्मा थैरेपी : मिश्रा
 लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा गृह मंत्री डॉटर नरोत्तम मिश्रा ने आज प्लाज्मा थैरेपी से स्वस्थ होकर घर लौटे मरीजों से वीडियो कॉलिंग से बात कर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि प्लाज्मा थैरेपी के उपचार से कोरोना संकट से निपटने में मदद मिलेगी। डॉ मिश्रा ने कोरोना के उपचार में प्लाजमा थैरेपी से मिली सफलता पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि प्लाज्मा थैरेपी इस संकट- काल में उम्मीदों की नई किरण के रूप में सामने आई है। अब तक उपचार की इस पद्धति से तीन लोग स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके हैं। मिश्रा ने कहा कि विगत दिनों केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन से उन्होंने प्लाज्मा थैरेपी से उपचार संबंधी अनुमति मांगी थी। अनुमति मिलने के उपरांत इंदौर और भोपाल में प्लाज्मा थैरेपी से उपचार किया गया । 

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