डेटा चोरी के लिहाज से बड़ा खतरा हो सकते हैं चीन में बने ड्रोन 

पेइचिंग ।  वॉशिंगटन ने चेतावनी दी है कि चीन में बने ड्रोन डेटा चोरी के लिहाज से बड़ा खतरा हो सकते हैं। अमेरिकी मीडिया में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, चीनी ड्रोन बीजिंग में खुफिया एजेंसियों को डेटा का बिना किसी रोक-टोक ऐक्सिस दे सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्यॉरिटी ने सोमवार को एक अलर्ट जारी किया। 
इस अलर्ट में कहा गया कि चीन में बने ड्रोन किसी संस्थान की जानकारी (डेटा, सूचना) के लिए संभावित खतरा हो सकते हैं।  मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिकी सरकार 'किसी भी ऐसे टेक्नॉलाजी प्रॉडक्ट को लेकर बेहद सतर्क है जिनसे अमेरिका डेटा किसी ऐसे सत्ता वाले देश को भेजा जाता है जो अपनी खुफिया एजेंसियों को बिना किसी बंदिश के इस डेटा का ऐक्सिस देता है या फिर इस डेटा ऐक्सिस का गलत इस्तेमाल किया जाता है।
उल्लेखनीय है कि यह चेतावनी उस समय आई है जबकि चीन-अमेरिका के बीच टेक सेक्टर में ट्रेड वॉर छिड़ा हुआ है। अमेरिका ने हाल ही में चीनी टेक्नॉलजी दिग्गज हुवावे पर बैन लगा दिया था। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि हुवावे, चीनी मिलिट्री द्वारा समर्थित है और दूसरे देशों के कम्युनिकेशन नेटवर्क में यह पिछले दरवाजे से बीजिंग की खुफिया (जासूसी) एजेंसियों को डेटा मुहैया कराती है।
डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्यॉरिटी ने किसी खास चीनी निर्माता का नाम नहीं लिया है। लेकिन दक्षिण चीन की कंपनी डीजेआई दुनिया के कमर्शियल ड्रोन में से करीब 70 प्रतिशत का निर्माण करती है। पेंटागन ने 2017 से ही सुरक्षा कारणों के चलते सेना द्वारा डीजेआई ड्रोन के इस्तेमाल पर रोक लगा रखी है। डीजेआई ने एक बयान में कहा कि हम जो कुछ करते हैं, सेफ्टी उसका सबसे अहम हिस्सा है और हमारी टेक्नॉलजी को अमेरिकी सरकार और अमेरिकी कंपनियों द्वारा वेरिफाई किया गया है। कंपनी ने आगे बताया सरकारी और जटिल इन्फ्रास्ट्रक्चर वाले ग्राहक, जिन्हें अतिरिक्त भरोसे की जरूरत होती है, हम उन्हें ऐसे ड्रोन सप्लाई करते हैं जो डीजेआई या इंटरनेट के जरिए डेटा ट्रांसफर नहीं करते।' 

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