डोकलाम विवाद पर चीन को भारतीय सेना की दो टूक, किसी भी तरह की पैंतरेबाजी का जवाब देने के लिए तैयार


नई दिल्ली। डोकलाम विवाद पर भारत और चीन एक बार फिर से आमने-सामने आते दिख रहे हैं, एक बार फिर से भारत ने अपना रुख साफ करते हुए कहा कि डोकलाम पर चीन के किसी भी पैतरेबाजी का कड़ा जवाब दिया जाएगा। भारतीय सेना ने कहा कि डोकलाम में चीन की किसी भी चालबाजी का माकूल जवाब देने के लिए हम तैयार हैं। यह बयान इस्टर्न कमांड लेफ्टिनेंड अभय कुमार ने दिया है, वह इस्टर्न कमांड के कमांडिंग इन चीफ हैं। 


अभय कुमार से जब यह पूछा गया कि चीन एक बार फिर से डोकलाम में अपनी सेना भेज रहा है, जहां पर पहले भारत-चीन की सेना पहले आपस में भिड़ी थी, तो इसपर उन्होंने कहा कि हम इस तरह की किसी भी पैंतरेबाजी का माकूल जवाब देंगे। तकरीबन दो महीने पहले दोनों ही देशों की सेना के बीच काफी तनातनी हो गई थी, जब चीन ने यहा सड़क निर्माण का काम शुरू किया था, भूटान जोकि भारत का सहयोगी है ने दावा किया था कि जिस जगह पर चीन सड़क निर्माण कर रहा है वह उसकी जमीन है। चीन ने फिर से शुरू की हरकत इस सड़क निर्माण पर भारत ने आपत्ति जताते हुए कहा था कि इसके निर्माण के बाद चीन भारत के पूर्वोत्तर राज्यों का भारत से संपर्क को रोक देगा। काफी लंबे समय तक चले टकराव का अंत सितंबर माह में हुआ था, दोनों देश अपनी-अपनी सेना को पीछे हटाने के लिए राजी हुए थे, जिसके बाद यह विवाद खत्म हुआ था। लेकिन एक बार फिर से रिपोर्ट आई है कि चीन अपनी सेना को यहां भेज रहा है। विजय दिवस के मौक पर दिया बयान लेफ्टिनेंट जनरल कृष्णा ने कहा कि भारतीय सेना का मनोबल काफी उंचा है और वह किसी भी तरह की पैतरेबाजी का सामना सख्ती से करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि हम पूरी तरह से तैयार है, कोई भी अगर चालबाजी करेगा तो उसे उसका बेहतर जवाब मिलेगा। लेफ्टिनेंट कृष्णा 1971 में पाकिस्तान पर भारत की जीत के मौके पर इस्टर्न कमांड के हेडक्वार्टर पर मीडिया से बात कर रहे थे। 16 जून को शुरू हुआ था विवाद 16 जून के डोकलाम चर्चा का केंद्र बना था जब चीन ने यहां अपनी सेना के जरिए सड़क निर्माण का काम शुरू कर दिया था, 73 दिन तक चले इस विवाद को दोनों देशों ने सुलझा लिया था। लेकिन एक बार फिर से यह खबरें आई हैं कि चीन यहां अपनी सेना भेज रहा है। जिसके बाद एक बार फिर से डोकलाम चर्चा में आ गया है। 


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