ड्रग एडिक्शन से पीड़ित बंदियों केे उपचार के संबंध में अध्ययन विशेषज्ञों से करायें

ड्रग एडिक्शन से पीड़ित बंदियों  केे उपचार के संबंध में अध्ययन विशेषज्ञों से करायें

आयोग ने की अनुशंसा

मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने इन्दौर के एक मामले में राज्य शासन से अनुशंसा की है कि प्रदेश की जेलों में ड्रग एडिक्शन से पीड़ित प्रवेश ले रहे बंदियों केे चिकित्सकीय उपचार संबंधी व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत अध्ययन विशेषज्ञ चिकित्सकों से करायें। ड्रग एडिक्शन से पीड़ित बंदियों को यथासंभव ड्रग डी एडिक्शन सेंटर जैसी विशिष्ट संस्थाओं की देखरेख में सुरक्षा प्रोटोकाॅल्स को ध्यान में रखकर करवाया जाये। आयोग ने यह भी अनुशंसा की है कि राज्य शासन भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्रालय की  Scheme of Assistance for Prevention of Alcoholism and Substance (Drugs) Abuse and for Social Defence Services संबंधी एकीकृत योजना का कुछ जेलों में किस प्रकार लाभ लिया जा सकता है, इस पर भी विचारकर समुचित कार्यवाही की जाये। आयोग के प्रकरण क्र. 7298/इन्दौर/2017 के अनुुसार केन्द्रीय जेल, इंदौर में निरूद्ध विचाराधीन बंदी नरेन्द्र पिता घासीराम की तबीयत खराब होने पर उसे एमवायएच, इंदौर में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान 10 अक्टूबर 2017 को उसकी मृत्यु हो गई थी। केन्द्रीय जेल अधीक्षक, इंदौर ने जानकारी दी थी कि जेल में प्रवेश के समय बंदी ड्रग एडिक्ट था और ड्रग एडिक्शन से होने वाली गंभीर बीमारी से पीड़ित था। आयोग द्वारा मामले की निरंतर सुनवाई के उपरांत यह अनुशंसा की है।

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