दिमागी बुखार से पीड़ित बच्चों से मिलने मुजफ्फरपुर पहुंचे नीतीश, लगे गो बैक के नारे 

मुजफ्फरपुर । बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को दिमागी बुखार से प्रभावित मुजफ्फरपुर का दौरा किया। इस दौरान उनके साथ राज्य के उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी मौजद रहे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार श्रीकृष्णा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसकेएमसीएच) पहुंचे और अस्पताल में भर्ती बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात की। नीतीश जब अस्पताल में पहुंचे तो उनका जमकर विरोध किया गया। बाहर खड़े लोगों ने 'नीतीश गो बैक' के नारे लगाए। 
नीतीश कुमार राज्य में दिमागी बुखार का संकट शुरू होने के 17 दिन बाद मरीजों का हालचाल लेने पहुंचे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री को विरोध प्रदर्शनों का भी सामना करना पड़ा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्थिति का जायजा लेने के बाद डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की। मुजफ्फरपुर दिमागी बुखार की सबसे ज्यादा चपेट में आया है। यहां कुल 108 बच्चों की मौत हुई है, जिनमें से 88 एसकेएमसीएच में और 19 बच्चों की निजी केजरीवाल अस्पताल में मौत हुई है। इस समय दोनों अस्पतालों में दिमागी बुखार से पीड़ित 414 से अधिक बच्चों का उपचार चल रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने भी रविवार को एसकेएमसीएच का दौरा किया था।

मानवाधिकार आयोग ने मांगी रिपोर्ट
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मुजफ्फरपुर जिले में दिमागी बुखार की वजह से बच्चों की मौत की बढ़ती संख्या पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और बिहार सरकार से रिपोर्ट दाखिल करने के लिए नोटिस जारी किया है। मानवधिकार आयोग ने कहा को बिहार में एईएस से मरने वाले बच्चों की संख्या चिंताजनक रूप से बढ़ती जा रही है। राज्य के अन्य जिले भी इससे प्रभावित हैं। आयोग ने दिमागी बुखार की रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों की स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी है। आयोग ने चार सप्ताह में में जवाब मांगा है।

मुख्यमंत्री ने बुलाई उच्चस्तरीय बैठक
बिहार में महामारी की तरह फैल रहे दिमागी बुखार को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में तय किया गया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम हर उस घर में जाएगी जिस घर में इस बीमारी से बच्चों की मौत हुई है। इस दौरान बीमारी की पृष्ठभूमि समझने का प्रयास किया जाएगा। दरअसल, अब तक यह पता नहीं चल पाया है कि इस बीमारी की वजह क्या है। कई विशेषज्ञ दिमागी बुखार फैलने की वजह लीची को बता रहे हैं, लेकिन दिमागी बुखार से कई वे लोग भी पीड़ित हैं, जिन्होंने लीची नहीं खाई है। 

दिमागी बुखार से 12 जिले प्रभावित
दिमागी बुखार से बिहार के 12 जिले प्रभावित हैं। नीतीश कुमार की बैठक में फैसला किया गया कि चमकी से प्रभावित बच्चों को निशुल्क एंबुलेंस मुहैया कराई जाएगी और पूरे इलाज का खर्च सरकार उठाएगी। वहीं इस बीमारी से मरने वालों के परिजनों को 4 लाख रुपए मुआवजा दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने कहा कि चमकी बुखार से बिहार के कुल 12 जिले के 222 प्रखंड प्रभावित हुए हैं, लेकिन 75 प्रतिशत केस मुजफ्फरपुर में हैं। 

Leave a Reply