दिल्लीः भीषण जाम में फंस गए जस्टिस, देर से शुरू हुई सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई

नई दिल्ली । देश की राजधानी दिल्ली में ऑफिस ऑवर में सड़कों पर लगने वाला जाम न केवल आम जन को प्रभावित करता है, बल्कि कई बार इस जाम के झाम में फंसकर वीवीआइपी भी झुंझला उठते हैं। दिल्ली में शुक्रवार को भी ऐसा ही मामला पेश आया, जब सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस कुरियन जोसेफ़ जाम में फंस गए। इससे वे न केवल प्रधानमंत्री की उपस्थिति में होने वाले कार्यक्रम में पहुंच सके, बल्कि उनकी कोर्ट भी देरी से शुरू हुई। 

 

दरअसल, जस्टिस कुरियन को वर्ल्ड फूड इंडिया फेस्ट‍िवल में शामिल होने जाना था। इसकी शुरुआत शुक्रवार से हुई, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। जाम में फंसने की वजह से वह फेस्टीवल में नहीं जा पाए। इसके बाद जाम की ही वजह से 11 बजे तक उनकी कोर्ट भी नहीं बैठ सकी।

बता दें कि कि दिल्ली की सड़कों पर लगने वाला जाम देश की जनता के साथ हमारी आर्थिक स्थिति पर भी भारी पड़ता है। पिछले दिनों हुई आइआइटी मद्रास की एक स्टडी के मुताबिक, दिल्ली की सड़कों पर रेंगते ट्रैफिक से सालाना 60 हजार करोड़ रुपये की चपत लगती है। स्टडी के मुताबिक जाम में बर्बाद होने वाले ईंधन, प्रॉडक्टिविटी लॉस, वायु प्रदूषण और रोड दुर्घटनाओं में इतना नुकसान होता है।

 

राजधानी में बढ़ती गाड़ियों की संख्या को देखते हुए 2030 तक सालाना नुकसान 98 हजार करोड़ तक पहुंच जाएगा। वहीं, दिल्ली में बढ़ती जा रही जाम की समस्या से निजात पाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने गूगल इंडिया से हाथ मिलाया है।

 

इसमें सहमति हुई है कि गूगल मैप के सहारे अब टैफिक सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए काम किया जाएगा। इसके साथ ही किसी बड़े इवेंट के दौरान गूगल ट्रैफिक पुलिस को बताएगा कि किन-किन रास्तों पर जाम हो सकता है। 

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