दिल्ली में सीलिंग की कार्रवाई और कनवर्जन चार्ज के खिलाफ व्यापारियों की 23 जनवरी को हड़ताल

नई दिल्लीः राजधानी दिल्ली में जारी सीलिंग की कार्रवाई और कनवर्जन चार्ज को लेकर लागातार मिल रहे नोटिस के विरोध में व्यापारियों के यूनियन कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने 23 जनवरी को दिल्ली में सभी व्यापारिक मार्केट और व्यापार बंद करने की घोषणा की है. संगठन ने ये फैसला शनिवार को हुई बैठक में लिया. इस बैठक में दिल्ली के 400 से ज्यादा मुख्य व्यापारिक संगठनों के शीर्ष पदाधिकारी मौजूद रहे. बैठक के बाद कैट की तरफ से आए बयान में कहा गया कि बुधवार को संगठन ने फैसला लिया है कि दिल्ली के सभी बाजारों में दुकानों के शटर बंद रहेंगे और कोई भी कारोबार नहीं होगा.
हालांकि खान मार्केट, चांदनी चौक और कनॉट प्लेस के अलावा कई इलाकों की व्यापारियों की एसोसिएशन ने इस बंद में शामिल होने की सहमति नहीं जताई है. ये सभी एसोसिएशन बंद में शामिल होने पर फैसला लेने के लिए आज बैठक करेंगे. और बैठक में ही आखिरी फैसला लिया जाएगा. लेकिन इस हड़ताल में दिल्ली की मशहूर पहाड़गंज मार्केट के ज्यादातर व्यापारी शामिल होंगे. जिससे वहां पर खरीददारी और घूमने आने वाले लोगों के लिए दिक्कतें खड़ी हो सकती हैं.
व्यापारियों के संगठन कैट के जनरल सेकेट्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि ‘दिल्ली में सीलिंग की कार्रवाई ने व्यापारियों को भिखारी की तरह बना दिया है. वर्तमान में कोई ऐसा मंच नहीं है जिसके माध्यम से व्यापारी अपनी सही बात को सामने रख सकें. दिल्ली में व्यापारियों की कोई सुनने वाला नहीं है. खंडेलवाल ने बताया कि दिल्ली के तमाम व्यापारियों को बचाने के लिए कैट ने केंद्र से एमनेस्टी स्कीम की मांग की है.
सीलिंग और कनवर्जन चार्ज के खिलाफ व्यापारियों के संगठन कैट के दिल्ली में व्यापार बंद रखने के फैसलो का चेंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने समर्थन दिया है. सीआईटी के कॉर्डिनेटर हेंमत गुप्ता ने बयान दिया है कि ये सिर्फ एक सांकेतिक विरोध है अगर 30 जनवरी तक सरकार द्वारा व्यापारियों को राहत देने के लिए कदम नहीं उठाए गए तो दिल्ली के सभी व्यापारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर हो जाएंगे.
