नईदुनिया का अभियान ‘अभी मास्क ही है वैक्सीन

कोरोना संक्रमण से जूझते छह माह हो रहे हैं। अब हालात पहले से ज्यादा भयावह हैं। अस्पतालों के आइसीयू भर चुके हैं। कोरोना संक्रमित तो ठीक, सामान्य बीमारी के पीड़ित मरीजों को भी अस्पतालों में जगह नहीं मिल पा रही है।

देश-दुनिया के तमाम विशेषज्ञों को वैक्सीन बनाने में अब तक सफलता नहीं मिली है। ऐसे में कोरोना से बचाव के लिए फिलहाल मास्क ही वैक्सीन की तरह कारगर नजर आ रहा है। इसके बावजूद इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों के साथ ही प्रदेश भर में बड़े पैमाने पर लोग बिना मास्क के घूमते देखे जा रहे हैं।

इस लापरवाही का नतीजा भी सितंबर माह में प्रदेश में सबसे ज्यादा संक्रमित मरीजों के रूप में देखने को मिल रहा है। यह सबसे जोखिम भरा समय है। राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुए तमाम शोध में यही निष्कर्ष निकला है कि संक्रमण से बचाव का सबसे बेहतर उपाय मास्क पहनना ही है।

नईदुनिया गुरुवार से 'अभी मास्क ही है वैक्सीन' नामक अभियान शुरू कर रहा है। हम प्रदेश की सात करोड़ जनता के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए उन्हें मास्क पहनने के लिए प्रेरित करेंगे। जो नहीं मानेंगे, उन्हें टोकेंगे। आप भी मास्क पहनिए और जो नहीं पहनें, उन्हें टोकिए क्योंकि ये आपके साथ-साथ सभी के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है।

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