नक्सलियों की दरिंदगी, बीजापुर में घरवालों के सामने काट दी 2 लोगों की गर्दन

रायपुर. छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों की बर्बरता (Naxal terror) एक बार फिर सामने आई है. पुलिस से मुखबिरी करने के शक में माओवादियों ने आज दो ग्रामीणों की बर्बरता से हत्या कर दी. जांग्ला थानाक्षेत्र की इस वारदात से सनसनी फैली हुई है. बताया गया कि मृतक धनीराम कोरसा बरदेला गांव का रहने वाला था, जबकि दूसरा गोपाल कुडियम गोंगला गांव का निवासी था. नक्सलियों ने इन दोनों जन अदालत लगाकर गांव वाले के सामने ही सजा सुनाई. इसके बाद दोनों के घरवालों के सामने ही इनकी गर्दन काटकर हत्या (Murder) कर दी.

बीजापुर में माओवादियों के इस करतूत से स्थानीय ग्रामीण सकते में हैं. वहीं पुलिस और प्रशासन के अधिकारी वारदात के बाद नक्सलियों की धरपकड़ के अभियान में जुट गए हैं. जिले के एसपी कमलोचन कश्यप ने नक्सलियों द्वारा दो ग्रामीणों की हत्या की वारदात की पुष्टि की है. पुलिस के मुताबिक नक्सलियों ने दोनों ग्रामीणों की अलग-अलग जगह पर हत्या की. जन अदालत में इन ग्रामीणों के ऊपर पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाया गया और उसके बाद उनकी हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया. मरने वालों में धनीराम कोरसा पूर्व में उपसरपंच रह चुका था. वहीं, गोंगला गांव का रहने वाला दूसरा मृतक गोपाल कुडियम वर्तमान में वार्ड पंच था.

भाजपा नेता ने की निंदा
माओवादियों द्वारा दो ग्रामीणों की हत्या को लेकर बीजेपी नेता और प्रदेश के पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. डेली छत्तीसगढ़ अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, गागड़ा ने इस घटना को लेकर किए गए अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि मृतक धनीराम भाजपा का सक्रिय सदस्य था, जो सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहता था. ग्रामीणों का सहयोग करने में हमेशा आगे रहता था, इसलिए नक्सलियों ने मुखबिर बताकर उसकी हत्या कर दी. गागड़ा ने नक्सलियों पर छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के खिलाफ आंदोलन चलाने का आरोप लगाया है. गागड़ा ने अपने पोस्ट में लिखा है कि नक्सली इन दिनों लगातार आदिवासियों की हत्या कर रहे हैं.

Leave a Reply