निगम कर रहा है लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़

दुर्ग । नगर निगम इन दिनों लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है, कई वार्डोँ में गंदे पानी का सप्लाई हो रहा है, इस मामले का खुलासा तब हुआ जब लोगों द्वारा गंदा पानी सप्लाई की शिकायत विधायक वोरा से की गई और जब विधायक वोरा शिकायत मिलने पर 42 एमएलडी फिल्टर प्लाट पहुंचने पर देखा कि आधुनिक फिल्टर प्लाट जो कि 3 वर्ष पूर्व 90 करोड़ की लागत से तैयार किया गया। शहर की भाजपा सरकार द्वारा बिसलरी बोतल के पानी से ज्यादा शुद्ध पानी देने का दावा फेल होते नजर आ रहा हैं। जनप्रतिनिधियों के द्वारा जवाब तलब करने पर अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में पानी शुद्ध करने ब्लीचिंग पाउडर, एलम व फिटकरी से पानी देना का कार्य चल रहा हैं। घरो में पहुंचाने वाले पानी को शुद्ध करने के लिए फिल्टर प्लाट में क्लोरिन गैस का सिस्टम ही कई दिनों से बंद पड़ा है। पांच माह पूर्व क्लोरिन गैस रिसाव का हादसा बंगल के 24 एमएलडी प्लाट में हुआ था। अब नवनिर्मित प्लाट में भी खराब पड़ी मशीन को अमृत मिशन के तहत दोनों फिल्टर प्लाट में 2.36 करोड़ रुपए खर्च कर सिस्टम सुधारने एवं प्लाट के रेनोवेशन के तहत कार्य करने की बात कर अधिकारी पल्ला झाड़ते नजर आए।
विधायक अरुण वोरा ने कहा कि नगर निगम पेयजल के लिए अरबो रुपए खर्च करने के बावजूद जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। जल में शुद्धता के लिए बिना क्लोरिन गैस के ओवरहेड टैंको में भेजा जा रहा है जो कि उचित नहीं है।
पार्षद राजेश शर्मा ने कहा कि मिशन का कार्य करने वाली लक्ष्मी प्रा. लि. कंपनी के द्वारा फिल्टर प्लाट के ट्रीटमेंट के प्रापर सिस्टम के साथ ही बिल्डिंग के रेनोवेशन का कार्य अत्यंत धीमी गति से चलने के कारण शहर की जनता को गंदे पानी से निजात नहीं मिल रहा है। अधिकारियों का भी ध्यान शुद्ध पेयजल के तरफ नहीं है। शिकायत लेकर फिल्टर प्लाट पार्षद शकुन ढीमर, राजेश शर्मा, कन्या ढीमर, सुरेन्द्र सिंह राजपूत, प्रकाश गीते पहुंचे थे।
